रामलिङ्गाष्टकम् — Word-by-Word Meaning
रामलिङ्गाष्टकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
रामेश्वरम् में भगवान राम द्वारा पूजित शिवलिङ्ग (रामलिङ्गेश्वर) की आठ श्लोकों की स्तुति — दक्षिण सागर का महान लिङ्ग, सर्वाधिक पावन शैव तीर्थों व ज्योतिर्लिंगों में से एक।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
रामलिङ्गाष्टकम् एक प्रिय पारम्परिक स्तोत्र है। रामेश्वरम् में भगवान राम द्वारा पूजित शिवलिङ्ग (रामलिङ्गेश्वर) की आठ श्लोकों की यह स्तुति है — दक्षिण सागर का महान लिङ्ग, सर्वाधिक पावन शैव तीर्थों एवं ज्योतिर्लिंगों में से एक।
Frequently Asked Questions
रामलिङ्गाष्टकम् क्या है?▼
रामेश्वरम् में भगवान राम द्वारा पूजित शिवलिङ्ग (रामलिङ्गेश्वर) की आठ श्लोकों की स्तुति — दक्षिण सागर का महान लिङ्ग, सर्वाधिक पावन शैव तीर्थों एवं ज्योतिर्लिंगों में से एक।
रामलिङ्गाष्टकम् की रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह एक पारम्परिक स्तोत्र है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धा से किया जाता है, और विशेष रूप से सोमवार को तथा महाशिवरात्रि, प्रदोष और श्रावण मास में।
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