सदाशिव अष्टकम् — Word-by-Word Meaning
सदाशिव अष्टकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
सदाशिव — नित्य कल्याणकारी शिव — की आठ श्लोकों की स्तुति, जिनमें प्रत्येक "हर-पार्वती के वरदायक शिव-शंकर को वंदन" की टेक से समाप्त होता है। प्रभु के अनेक पावन नामों व रूपों की प्रवाहमयी स्तुति।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
सदाशिव अष्टकम् एक प्रिय पारम्परिक स्तोत्र है। सदाशिव — नित्य कल्याणकारी शिव — की आठ श्लोकों की यह स्तुति, जिनमें प्रत्येक “हर-पार्वती के वरदायक शिव-शंकर को वंदन” की टेक से समाप्त होता है। प्रभु के अनेक पावन नामों और रूपों की प्रवाहमयी स्तुति।
Frequently Asked Questions
सदाशिव अष्टकम् क्या है?▼
सदाशिव — नित्य कल्याणकारी शिव — की आठ श्लोकों की स्तुति, जिनमें प्रत्येक “हर-पार्वती के वरदायक शिव-शंकर को वंदन” की टेक से समाप्त होता है। प्रभु के अनेक पावन नामों और रूपों की प्रवाहमयी स्तुति।
सदाशिव अष्टकम् की रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह एक पारम्परिक स्तोत्र है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धा से किया जाता है, और विशेष रूप से सोमवार को तथा महाशिवरात्रि, प्रदोष और श्रावण मास में।
Ready to start chanting?
See Benefits & How to Chant →