सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning
सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
देवी सरस्वती के १०८ नाम — विद्या, वाणी, संगीत व कला की देवी, वेदमाता — प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, ज्ञान, बुद्धि व वाक्-सिद्धि हेतु, विशेषतः वसंत पंचमी को पठित।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली सरस्वती के १०८ नामों की एक परंपरागत माला है। देवी सरस्वती के १०८ नाम — ज्ञान, वाणी, संगीत और कलाओं की देवी, वेदमाता — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' के साथ पठित, जो विद्या, बुद्धि और वाक्-सिद्धि के लिए, विशेषकर वसंत पंचमी पर जपे जाते हैं।
Frequently Asked Questions
सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?▼
देवी सरस्वती के १०८ नाम — ज्ञान, वाणी, संगीत और कलाओं की देवी, वेदमाता — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' के साथ पठित, जो विद्या, बुद्धि और वाक्-सिद्धि के लिए, विशेषकर वसंत पंचमी पर जपे जाते हैं।
अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ कैसे किया जाता है?▼
इसे अर्चना के रूप में किया जाता है: १०८ नामों में से प्रत्येक नाम को उसके पहले 'ॐ' और बाद में 'नमः' लगाकर पढ़ा जाता है, और प्रत्येक नाम पर देवी के चरणों में एक पुष्प या चुटकी भर कुमकुम अर्पित किया जाता है। पूर्ण माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर बुधवार और वसंत पंचमी को तथा वसंत पंचमी और नवरात्रि के समय।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का अर्थ क्या है?▼
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (१०८) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला' — सरस्वती के १०८ नामों की पवित्र सूची, जिनमें से प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।
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