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सर्वे भवन्तु सुखिनः — Word-by-Word Meaning

सर्वे भवन्तु सुखिनः

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

सर्वे भवन्तु सुखिनः
Sarve bhavantu sukhinah
सभी प्राणी सुखी हों
सर्वे सन्तु निरामयाः
Sarve santu niramayah
सभी रोगमुक्त रहें
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु
Sarve bhadrani pashyantu
सभी शुभ एवं मंगल का दर्शन करें
मा कश्चित् दुःखभाक् भवेत्
Ma kashchit duhkha-bhag bhavet
कोई भी दुःख का भागी न हो

Complete Translation

सभी प्राणी सुखी हों; सभी रोगमुक्त रहें। सभी मंगल का दर्शन करें; कोई भी दुःख का भागी न हो। ॐ शांति, शांति, शांति।

Origin & History

Source: Traditional Vedic Shanti Mantra

Author: Traditional (Vedic)

Period: Vedic

सर्वे भवन्तु सुखिनः सार्वभौमिक कल्याण की हिंदू प्रार्थना की परम अभिव्यक्ति है। अपने लिए कुछ माँगने के बजाय, भक्त प्रार्थना करता है कि प्रत्येक प्राणी — बिना किसी अपवाद के — सुखी, स्वस्थ, आशीर्वादित और दुःख से मुक्त हो। यह 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की वैदिक दृष्टि को मूर्त करती है, कि समस्त संसार एक परिवार है, और सर्वत्र प्रार्थनाओं व सभाओं के समापन में जपी जाती है।

Frequently Asked Questions

सर्वे भवन्तु सुखिनः का अर्थ क्या है?
इसका अर्थ है: 'समस्त प्राणी सुखी हों; सब रोगमुक्त हों; सब शुभ देखें; कोई दुःख न पाए।' यह प्रत्येक प्राणी के सुख और कल्याण के लिए एक सार्वभौमिक हिंदू प्रार्थना (शांति मंत्र) है, जो 'ॐ शांति शांति शांति' (शांति, शांति, शांति) के साथ समाप्त होती है।
सर्वे भवन्तु सुखिनः कब जपा जाता है?
इसे नित्य और विशेषकर प्रार्थनाओं, योग और ध्यान सत्रों, कक्षाओं और समारोहों के समापन पर जपा जाता है, ताकि उनका फल समस्त प्राणियों के कल्याण को समर्पित किया जा सके। यह संसार के सर्वाधिक व्यापक रूप से जपे जाने वाले शांति मंत्रों में से एक है।
सर्वे भवन्तु सुखिनः का स्रोत क्या है?
यह एक परंपरागत वैदिक भावना से युक्त शांति मंत्र है, जो सार्वभौमिक कल्याण और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' (संसार एक परिवार है) के हिंदू आदर्श को व्यक्त करता है। यह विभिन्न ग्रंथों में पाया जाता है और समस्त हिंदू परंपराओं में जपा जाता है।
'ॐ शांति शांति शांति' का अर्थ क्या है?
त्रिविध 'शांति' (शांति) तीन स्तरों पर शांति की प्रार्थना करती है — शरीर और स्व के कष्टों से (आध्यात्मिक), अन्य प्राणियों और पर्यावरण से (आधिभौतिक), और ब्रह्मांडीय व प्राकृतिक शक्तियों से (आधिदैविक)। यह पूर्ण, सर्वांगीण शांति की कामना करती है।

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