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सीता अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning

सीता अष्टोत्तर शतनामावली

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

देवी सीता के १०८ नाम — राजा जनक की पुत्री, भगवान राम की पत्नी, भक्ति, पवित्रता व सहनशीलता की मूर्ति — प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, नारीत्व का आदर्श व लक्ष्मी-स्वरूपा।

Origin & History

Source: Traditional

Author: Traditional

Period: Classical

सीता अष्टोत्तर शतनामावली सीता के 108 नामों की पारंपरिक माला है। देवी सीता के 108 नाम — राजा जनक की पुत्री, भगवान राम की पत्नी, भक्ति, पवित्रता और सहनशीलता की मूर्ति — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित जपा जाता है, नारीत्व की आदर्श और लक्ष्मी-स्वरूपा के रूप में पूजित।

Frequently Asked Questions

सीता अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?
देवी सीता के 108 नाम — राजा जनक की पुत्री, भगवान राम की पत्नी, भक्ति, पवित्रता और सहनशीलता की मूर्ति — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित जपा जाता है, नारीत्व की आदर्श और लक्ष्मी-स्वरूपा के रूप में पूजित।
अष्टोत्तर शतनामावली कैसे जपी जाती है?
यह अर्चना के रूप में जपी जाती है: 108 नामों में से प्रत्येक से पहले 'ॐ' और बाद में 'नमः' लगाकर पाठ किया जाता है, प्रत्येक नाम के लिए एक पुष्प या चुटकी कुमकुम अर्पित करते हुए। संपूर्ण माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर शुक्रवार और मंगलवार को तथा सीता नवमी और विवाह पंचमी के दौरान।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का क्या अर्थ है?
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (108) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला' — सीता के 108 नामों की पवित्र सूची, प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम।

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