Mantra.Tips

सूर्य अष्टकम् — Word-by-Word Meaning

सूर्य अष्टकम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

सूर्यदेव की आठ श्लोकों की स्तुति — "आदिदेव को नमस्कार, उज्ज्वल किरणों वाले लोकपति को नमन" — साम्ब पुराण से, आरोग्य, ओज व सूर्य-कृपा हेतु प्रातः पाठ की जाती है।

Origin & History

Source: Samba Purana

Author: Traditional

Period: Puranic

सूर्य अष्टकम् एक प्रिय परम्परागत स्तुति है। यह साम्ब पुराण से सूर्यदेव की आठ श्लोकों की स्तुति है — 'आदिदेव को नमस्कार, उज्ज्वल किरणों वाले लोकपति को नमन' — जो आरोग्य, ओज व सूर्य-कृपा हेतु प्रातःकाल पढ़ी जाती है।

Frequently Asked Questions

सूर्य अष्टकम् क्या है?
यह साम्ब पुराण से सूर्यदेव की आठ श्लोकों की स्तुति है — 'आदिदेव को नमस्कार, उज्ज्वल किरणों वाले लोकपति को नमन' — जो आरोग्य, ओज व सूर्य-कृपा हेतु प्रातःकाल पढ़ी जाती है।
इसे किसने रचा और इसका पाठ कब किया जाता है?
यह एक परम्परागत स्तुति है (साम्ब पुराण)। इसका पाठ प्रातः या सायं भक्तिपूर्वक किया जाता है, विशेषकर रविवार को तथा रथ सप्तमी व रविवार के दिनों में।

Ready to start chanting?

See Benefits & How to Chant →