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तोटकाष्टकम् — Word-by-Word Meaning

तोटकाष्टकम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

तोटकाचार्य द्वारा अपने गुरु आदि शंकराचार्य की स्तुति के आठ श्लोक — "हे समस्त शास्त्र-अमृत के सागर, संसार-दुःख के नाशक, गुरुओं के गुरु, मेरे रक्षक बनो।" शिष्य की गुरु-भक्ति का आदर्श।

Origin & History

Source: Totakacharya, disciple of Adi Shankaracharya

Author: Totakacharya

Period: Classical

तोटकाष्टकम् परंपरागत रूप से तोटकाचार्य को आरोपित है। ये तोटकाचार्य द्वारा अपने गुरु आदि शंकराचार्य की स्तुति में गाए गए आठ श्लोक हैं — "हे समस्त शास्त्र-अमृत के सागर, संसार-दुःख के नाशक, गुरुओं के गुरु, मेरे रक्षक बनो।" शिष्य की गुरु-भक्ति का आदर्श।

Frequently Asked Questions

तोटकाष्टकम् क्या है?
तोटकाचार्य द्वारा अपने गुरु आदि शंकराचार्य की स्तुति में गाए गए आठ श्लोक — "हे समस्त शास्त्र-अमृत के सागर, संसार-दुःख के नाशक, गुरुओं के गुरु, मेरे रक्षक बनो।" शिष्य की गुरु-भक्ति का आदर्श।
इसकी रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?
इसका श्रेय तोटकाचार्य (आदि शंकराचार्य के शिष्य) को दिया जाता है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धा से किया जाता है, विशेषकर सोमवार को तथा महाशिवरात्रि व श्रावण में।

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