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सामज वर गमन PDF

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सामज वर गमन साधु हृत्-सारसाब्जु पाल कालातीत विख्यात

sāmaja vara gamana sādhu hṛt-sārasābju pāla kālātīta vikhyāta

हे प्रभो, जिनकी चाल श्रेष्ठ गजराज-सी राजसी है! सज्जनों-साधुओं के हृदय-कमलों के पालक, काल से परे प्रसिद्ध!

साम निगमज - सुधा मय गान विचक्षण गुणशील दयालवाल मां पालय

sāma nigamaja - sudhā maya gāna vicakṣaṇa guṇaśīla dayālavāla māṃ pālaya

हे सामवेद से उपजे अमृतमय संगीत के परम मर्मज्ञ; हे सद्गुणशील, दया के सागर — मेरी रक्षा करो!

वेदशिरो मातृज - सप्त स्वर नादा चल दीप स्वीकृत यादवकुल मुरली वादन विनोद मोहन कर त्यागराज वन्दनीय सामज वर गमन साधु हृत्-सारसाब्जु पाल कालातीत विख्यात

vēdaśirō mātṛja - sapta svara nādā cala dīpa svīkṛta yādavakula muralī vādana vinōda mōhana kara tyāgarāja vandanīya sāmaja vara gamana sādhu hṛt-sārasābju pāla kālātīta vikhyāta

आप नाद-पर्वत पर स्वीकार किया हुआ दीपक हैं — वेदों के मुकुट से उपजी माता गायत्री से जन्मे सात स्वरों के; यदुकुल के वे मोहन हैं जो मुरली बजाने में आनंद पाते हैं; त्यागराज जिनकी वंदना करते हैं। हे गजगामी प्रभु, साधु-हृदय-कमलों के रक्षक, कालातीत विख्यात!