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वेदसार शिव स्तोत्रम् — Word-by-Word Meaning

वेदसार शिव स्तोत्रम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

आदि शंकराचार्य रचित शिव की "वेदसार" स्तुति — जो समस्त प्राणियों के अधिपति (पशुपति), नाम-रूप से परे, वेदों द्वारा इंगित एक परम सत्य को वंदन करती है।

Origin & History

Source: Ascribed to Adi Shankaracharya

Author: Adi Shankaracharya

Period: Classical

वेदसार शिव स्तोत्रम् परंपरागत रूप से आदि शंकराचार्य को आरोपित है। यह आदि शंकराचार्य रचित शिव की "वेदसार" स्तुति है — जो समस्त प्राणियों के अधिपति (पशुपति), नाम-रूप से परे, वेदों द्वारा इंगित एक परम सत्य को वंदन करती है।

Frequently Asked Questions

वेदसार शिव स्तोत्रम् क्या है?
यह आदि शंकराचार्य रचित शिव की "वेदसार" स्तुति है — जो समस्त प्राणियों के अधिपति (पशुपति), नाम-रूप से परे, वेदों द्वारा इंगित एक परम सत्य को वंदन करती है।
वेदसार शिव स्तोत्रम् किसने रचा और कब पाठ किया जाता है?
यह आदि शंकराचार्य को आरोपित है। इसका पाठ प्रातः या संध्या समय भक्तिपूर्वक, तथा विशेषतः सोमवार को और महाशिवरात्रि, प्रदोष व श्रावण मास में किया जाता है।

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