वेङ्कटेश अष्टकम् — Word-by-Word Meaning
वेङ्कटेश अष्टकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
तिरुमला के भगवान वेङ्कटेश (बालाजी) की आठ श्लोकों की स्तुति — जो उनके चरण-कमल की धूलि व अनंत कृपा को वंदन करती है, सप्तगिरि-पति की शरण लेने वालों का आश्रय।
Origin & History
Source: Traditional (Brahmanda Purana)
Author: Traditional
Period: Classical
वेङ्कटेश अष्टकम् एक प्रिय पारंपरिक स्तोत्र है। तिरुमला के भगवान वेङ्कटेश (बालाजी) की आठ श्लोकों की स्तुति — जो उनके चरण-कमल की धूलि व अनंत कृपा को वंदन करती है, सप्तगिरि-पति की शरण लेने वालों का आश्रय।
Frequently Asked Questions
वेङ्कटेश अष्टकम् क्या है?▼
तिरुमला के भगवान वेङ्कटेश (बालाजी) की आठ श्लोकों की स्तुति — जो उनके चरण-कमल की धूलि व अनंत कृपा को वंदन करती है, सप्तगिरि-पति की शरण लेने वालों का आश्रय।
इसकी रचना किसने की और इसे कब पढ़ा जाता है?▼
यह एक पारंपरिक स्तोत्र है (पारंपरिक, ब्रह्माण्ड पुराण)। इसे प्रातः या संध्या को श्रद्धापूर्वक पढ़ा जाता है, विशेष रूप से गुरुवार और एकादशी को तथा एकादशी एवं विष्णु पर्वों के दौरान।
Ready to start chanting?
See Benefits & How to Chant →