विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning
विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
सर्वव्यापी जगत्पालक भगवान विष्णु के १०८ नाम, प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित — केशव, माधव, गोविन्द व उनके अनगिनत कृपामय नाम।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली विष्णु के १०८ नामों की एक परम्परागत माला है। ये सर्वव्यापी जगत्पालक भगवान विष्णु के १०८ नाम हैं, जिनमें प्रत्येक “ॐ” और “नमः” सहित उच्चारित होता है — केशव, माधव, गोविन्द और उनके अनगिनत कृपामय नाम।
Frequently Asked Questions
विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?▼
सर्वव्यापी जगत्पालक भगवान विष्णु के १०८ नाम, जिनमें प्रत्येक “ॐ” और “नमः” सहित उच्चारित होता है — केशव, माधव, गोविन्द और उनके अनगिनत कृपामय नाम।
अष्टोत्तर शतनामावली का जप कैसे किया जाता है?▼
इसका जप अर्चना के रूप में किया जाता है: १०८ नामों में से प्रत्येक के पूर्व “ॐ” और अंत में “नमः” लगाकर उच्चारित किया जाता है, और प्रत्येक नाम पर देवता के चरणों में पुष्प या कुंकुम की एक चुटकी अर्पित की जाती है। १०८ नामों की पूर्ण माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर गुरुवार और एकादशी को तथा एकादशी और वैकुण्ठ एकादशी के अवसर पर।
“अष्टोत्तर शतनामावली” का अर्थ क्या है?▼
“अष्टोत्तर-शत” का अर्थ है “एक सौ आठ” (१०८) और “नामावली” का अर्थ है “नामों की माला”। अतः यह विष्णु के १०८ नामों की पवित्र सूची है, जिनमें प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।
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