अमृत सिद्धि योग 2026
अमृत सिद्धि योग सात निश्चित वार-नक्षत्र युग्मों से बनता है — रवि-हस्त, सोम-मृगशिरा, मंगल-अश्विनी, बुध-अनुराधा, गुरु-पुष्य, शुक्र-रेवती व शनि-रोहिणी। "अमृत" अर्थात सुधा: इसमें आरंभ कार्य मधुर, स्थायी व समृद्ध फल देने वाला माना जाता है। (कुछ तिथियों पर ये संयोग भिन्न माने जाते हैं, अतः महत्वपूर्ण मुहूर्त पंचांग से पुष्टि करें।)
बनता है: सात निश्चित वार + नक्षत्र युग्म · New Delhi, IST
🍯 अमृत सिद्धि योग 2026· 25
बुध, 14 जनवरीअनुराधाबुध, 11 फरवरीअनुराधाशुक्र, 20 फरवरीरेवतीशुक्र, 20 मार्चरेवतीशुक्र, 17 अप्रैलरेवतीसोम, 20 अप्रैलमृगशिरागुरु, 23 अप्रैलपुष्यसोम, 18 मईमृगशिरागुरु, 21 मईपुष्यशनि, 13 जूनरोहिणीसोम, 15 जूनमृगशिरागुरु, 18 जूनपुष्यशनि, 11 जुलाईरोहिणीसोम, 13 जुलाईमृगशिरारवि, 19 जुलाईहस्तमंगल, 4 अगस्तअश्विनीशनि, 8 अगस्तरोहिणीरवि, 16 अगस्तहस्तमंगल, 1 सितंबरअश्विनीरवि, 13 सितंबरहस्तबुध, 16 सितंबरअनुराधामंगल, 29 सितंबरअश्विनीबुध, 14 अक्टूबरअनुराधाबुध, 11 नवंबरअनुराधाशुक्र, 18 दिसंबररेवती
🍯 अमृत सिद्धि योग 2027· 27
शुक्र, 15 जनवरीरेवतीसोम, 15 फरवरीमृगशिरागुरु, 18 फरवरीपुष्यसोम, 15 मार्चमृगशिरागुरु, 18 मार्चपुष्यशनि, 10 अप्रैलरोहिणीसोम, 12 अप्रैलमृगशिरागुरु, 15 अप्रैलपुष्यरवि, 18 अप्रैलहस्तमंगल, 4 मईअश्विनीशनि, 8 मईरोहिणीरवि, 16 मईहस्तमंगल, 1 जूनअश्विनीशनि, 5 जूनरोहिणीरवि, 13 जूनहस्तबुध, 16 जूनअनुराधामंगल, 29 जूनअश्विनीबुध, 14 जुलाईअनुराधामंगल, 27 जुलाईअश्विनीबुध, 11 अगस्तअनुराधाशुक्र, 17 सितंबररेवतीशुक्र, 15 अक्टूबररेवतीशुक्र, 12 नवंबररेवतीसोम, 15 नवंबरमृगशिरागुरु, 18 नवंबरपुष्यसोम, 13 दिसंबरमृगशिरागुरु, 16 दिसंबरपुष्य
🍯 अमृत सिद्धि योग 2028· 29
शनि, 8 जनवरीरोहिणीसोम, 10 जनवरीमृगशिरागुरु, 13 जनवरीपुष्यशनि, 5 फरवरीरोहिणीसोम, 7 फरवरीमृगशिरारवि, 13 फरवरीहस्तमंगल, 29 फरवरीअश्विनीशनि, 4 मार्चरोहिणीरवि, 12 मार्चहस्तबुध, 15 मार्चअनुराधामंगल, 28 मार्चअश्विनीरवि, 9 अप्रैलहस्तबुध, 12 अप्रैलअनुराधामंगल, 25 अप्रैलअश्विनीबुध, 10 मईअनुराधाशुक्र, 16 जूनरेवतीशुक्र, 14 जुलाईरेवतीशुक्र, 11 अगस्तरेवतीसोम, 11 सितंबरमृगशिरागुरु, 14 सितंबरपुष्यसोम, 9 अक्टूबरमृगशिरागुरु, 12 अक्टूबरपुष्यशनि, 4 नवंबररोहिणीसोम, 6 नवंबरमृगशिरागुरु, 9 नवंबरपुष्यमंगल, 28 नवंबरअश्विनीशनि, 2 दिसंबररोहिणीरवि, 10 दिसंबरहस्तमंगल, 26 दिसंबरअश्विनी
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमृत सिद्धि योग क्या है?▼
अमृत सिद्धि योग एक विशेष वार का एक विशेष नक्षत्र के साथ शुभ संयोग है — ऐसे सात युग्म हैं। "अमृत" (सुधा) दर्शाता है कि इसमें आरंभ कार्य मधुर व स्थायी फल देता है।
अमृत सिद्धि योग कौन-से वार-नक्षत्र युग्मों से बनता है?▼
रवि-हस्त, सोम-मृगशिरा, मंगल-अश्विनी, बुध-अनुराधा, गुरु-पुष्य, शुक्र-रेवती, व शनि-रोहिणी। नीचे की तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय नक्षत्र अनुसार हैं।
अमृत सिद्धि योग में क्या किया जाता है?▼
यह खरीद, निवेश, नया कार्य, यात्रा व शुभ आरंभ हेतु शुभ है — सर्वार्थ सिद्धि योग की भाँति। विवाह हेतु विवाह मुहूर्त तिथियाँ देखें।
तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय नक्षत्र अनुसार गणना की गई हैं; योग का सटीक आरंभ-समाप्ति समय नक्षत्र-परिवर्तन पर निर्भर करता है — महत्वपूर्ण मुहूर्त पंचांग से पुष्टि करें।
✨ सर्वार्थ सिद्धि योग🌅 रवि पुष्य योग🪐 गुरु पुष्य योग🗓️ शुभ मुहूर्त📿 आज का पंचांग