Mantra.Tips
🪐

गुरु पुष्य योग 2026

गुरु पुष्य योग (गुरु पुष्यामृत योग भी) तब बनता है जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार (गुरुवार) — बृहस्पति के दिन — को आता है। सबसे शुभ नक्षत्र का सबसे शुभ ग्रह के साथ मेल इसे परम शुभ बनाता है — विशेषकर सोना व मूल्यवान वस्तुएँ खरीदने, निवेश, शिक्षा या व्यवसाय आरंभ करने, और किसी भी नए समृद्ध आरंभ हेतु।

बनता है: पुष्य नक्षत्र + गुरुवार · New Delhi, IST

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु पुष्य योग क्या है?
गुरु पुष्य योग तब होता है जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार (गुरु/बृहस्पति का दिन) को पड़ता है। सबसे शुभ नक्षत्र का सबसे शुभ ग्रह से मेल होने से यह सोना खरीदने व समृद्ध कार्य आरंभ करने का श्रेष्ठ मुहूर्त है।
गुरु पुष्य सोना खरीदने हेतु शुभ क्यों है?
बृहस्पति (गुरु) धन, ज्ञान व वृद्धि के कारक हैं, और पुष्य पोषण व समृद्धि का। इनका मेल इस दिन अर्जित धन को बढ़ने व स्थिर रहने वाला माना जाता है — अतः सोना, संपत्ति व निवेश विशेष शुभ हैं।
क्या गुरु पुष्य विवाह हेतु शुभ है?
नहीं — पुष्य नक्षत्र विवाह हेतु पारंपरिक रूप से वर्जित है, यद्यपि यह लगभग हर अन्य शुभ कार्य हेतु उत्तम है। विवाह हेतु विवाह मुहूर्त तिथियाँ देखें।

तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय नक्षत्र अनुसार गणना की गई हैं; योग का सटीक आरंभ-समाप्ति समय नक्षत्र-परिवर्तन पर निर्भर करता है — महत्वपूर्ण मुहूर्त पंचांग से पुष्टि करें।

सर्वार्थ सिद्धि योग🍯 अमृत सिद्धि योग🌅 रवि पुष्य योग🗓️ शुभ मुहूर्त📿 आज का पंचांग