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आञ्जनेय भुजङ्गम् — Word-by-Word Meaning

आञ्जनेय भुजङ्गम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

अञ्जना-पुत्र आञ्जनेय (हनुमान) की भुजङ्ग (सर्प) छंद में स्तुति — जो राम के परम भक्त, भय-नाशक, बल व कल्याण के दाता को वंदन करती है।

Origin & History

Source: Traditional

Author: Traditional

Period: Classical

आञ्जनेय भुजङ्गम् एक प्रिय परंपरागत स्तुति है। यह अञ्जना-पुत्र आञ्जनेय (हनुमान) की भुजङ्ग (सर्प) छंद में रचना है — जो राम के परम भक्त, भय का नाश करने वाले, बल व कल्याण के दाता का वंदन करती है। इसकी लहरदार लय भक्त के हृदय में हनुमान के नाम और भक्ति का प्रवाह जगाती है।

Frequently Asked Questions

आञ्जनेय भुजङ्गम् क्या है?
अञ्जना-पुत्र आञ्जनेय (हनुमान) की भुजङ्ग (सर्प) छंद में स्तुति — जो राम के परम भक्त, भय का नाश करने वाले, बल व कल्याण के दाता का वंदन करती है।
इसकी रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?
यह एक परंपरागत स्तुति है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धापूर्वक किया जाता है, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को तथा हनुमान जयंती पर।

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