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आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम् — Word-by-Word Meaning

आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

आञ्जनेय (हनुमान) की आठ श्लोकों की "मङ्गल" स्तुति — वानरश्रेष्ठ, वीर, सुग्रीव के प्रिय मंत्री, राम के भक्त दूत — मंगल आशीर्वाद की कामना करती है।

Origin & History

Source: Traditional

Author: Traditional

Period: Classical

आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम् एक प्रिय परंपरागत स्तुति है। यह आञ्जनेय (हनुमान) की आठ श्लोकों की 'मङ्गल' (शुभता का आशीर्वाद) स्तुति है — वानरश्रेष्ठ, वीर, सुग्रीव के प्रिय मंत्री, राम के भक्त दूत — जो कल्याण का आशीर्वाद माँगती है। इसका प्रत्येक श्लोक हनुमान को 'मङ्गलम्' का आशीर्वाद अर्पित करते हुए समाप्त होता है।

Frequently Asked Questions

आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम् क्या है?
आञ्जनेय (हनुमान) की आठ श्लोकों की 'मङ्गल' (शुभता का आशीर्वाद) स्तुति — वानरश्रेष्ठ, वीर, सुग्रीव के प्रिय मंत्री, राम के भक्त दूत — जो कल्याण का आशीर्वाद माँगती है।
इसकी रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?
यह एक परंपरागत स्तुति है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धापूर्वक किया जाता है, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को तथा हनुमान जयंती पर।

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