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असतो मा सद्गमय — Word-by-Word Meaning

असतो मा सद्गमय

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

असतो मा सद्गमय
Asato ma sadgamaya
मुझे असत् (असत्य) से सत् (सत्य) की ओर ले चलो
तमसो मा ज्योतिर्गमय
Tamaso ma jyotirgamaya
मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो
मृत्योर्मा अमृतं गमय
Mrityorma amritam gamaya
मुझे मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो
शान्तिः
Shantih
शान्ति (पूर्ण शान्ति के लिए तीन बार उच्चारित)

Complete Translation

मुझे असत् से सत् की ओर ले चलो; अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो; मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो। ॐ शान्ति, शान्ति, शान्ति।

Origin & History

Source: Brihadaranyaka Upanishad 1.3.28

Author: Traditional (Upanishadic)

Period: Vedic / Upanishadic

पावमान मन्त्र, 'असतो मा सद्गमय', बृहदारण्यक उपनिषद में मिलता है, जो उपनिषदों में सबसे प्राचीन है। अपनी तीन उदात्त पंक्तियों में यह आध्यात्मिक साधक की सम्पूर्ण अभिलाषा को प्रस्तुत करता है — असत् से सत् की ओर, अन्धकार से प्रकाश की ओर, मृत्यु से अमरत्व की ओर ले जाए जाने की। अपनी सुन्दरता और गहराई के कारण यह हिन्दू धर्म की सबसे प्रिय प्रार्थनाओं में से एक बन गई है, जो सारे संसार में पठित होती है।

Frequently Asked Questions

असतो मा सद्गमय का अर्थ क्या है?
इसका अर्थ है: 'मुझे असत् से सत् की ओर ले चलो; अन्धकार से प्रकाश की ओर; मृत्यु से अमरत्व की ओर।' यह आत्मा की अज्ञान और मरणशीलता से सत्य, ज्ञान और शाश्वत की ओर यात्रा के लिए एक प्राचीन उपनिषदीय प्रार्थना है।
असतो मा सद्गमय का स्रोत क्या है?
यह बृहदारण्यक उपनिषद (1.3.28) से है, जो सबसे प्राचीन उपनिषदों में से एक है, और पावमान मन्त्र के नाम से जाना जाता है। यह समस्त हिन्दू शास्त्रों में सबसे प्रसिद्ध और प्रिय प्रार्थनाओं में से एक है।
असतो मा सद्गमय कब जपा जाता है?
यह प्रतिदिन और विशेष रूप से आध्यात्मिक अध्ययन, ध्यान और प्रार्थना के आरम्भ में जपा जाता है, अज्ञान के नाश तथा सत्य और प्रकाश की ओर गति की प्रार्थना के रूप में। इसे 'ॐ शान्ति शान्ति शान्ति' से समाप्त किया जाता है।
मन्त्र की तीन गतियों का क्या अर्थ है?
असत् से सत् की ओर (असत् से सत्) का अर्थ है भ्रम से सत्य की ओर; अन्धकार से प्रकाश की ओर (तमस् से ज्योति) का अर्थ है अज्ञान से ज्ञान की ओर; मृत्यु से अमरत्व की ओर (मृत्यु से अमृत) का अर्थ है मरणशील से शाश्वत आत्मा की ओर। मिलकर ये आध्यात्मिक पथ के सम्पूर्ण लक्ष्य का वर्णन करती हैं।

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