भूतनाथ स्तोत्रम् (भूतनाथ सदानन्द) Meaning — Line by Line
भूतनाथ स्तोत्रम् (भूतनाथ सदानन्द)
Every verse and every word explained in English & Hindi
Meaning — Line by Line
Every verse of भूतनाथ स्तोत्रम् (भूतनाथ सदानन्द) with its Hindi meaning. Tap any word to hear it, or ▶ to recite the verse.
bhūtanātha sadānanda sarvabhūtadayāpara |
भूतनाथ सदानन्द सर्वभूतदयापर । रक्ष रक्ष महाबाहो शास्त्रे तुभ्यं नमो नमः ॥
bhūtanātha sadānanda sarvabhūtadayāpara | rakṣa rakṣa mahābāho śāstre tubhyaṃ namo namaḥ ||
Meaningहे भूतनाथ (समस्त प्राणियों के स्वामी), सदा आनन्दमय, समस्त भूतों पर दया करने वाले; रक्षा करो, रक्षा करो, हे महाबाहो — हे शास्ता, आपको बार-बार नमस्कार है।
oṃ śrīmahāśāstre namaḥ |
ॐ श्रीमहाशास्त्रे नमः ।
oṃ śrīmahāśāstre namaḥ |
Meaningॐ श्रीमहाशास्त्रे नमः।
Word-by-Word Breakdown
Origin & History
Source: Traditional Ayyappa / Sri Dharma Shasta dhyana sloka
Author: Traditional
'भूतनाथ सदानन्द' वह ध्यान श्लोक है जिससे भक्त शबरीमला के देवता भगवान अय्यप्पा की पूजा का आरम्भ करते हैं, जो भूतनाथ — समस्त प्राणियों के स्वामी — के रूप में पूजित हैं। अय्यप्पा हरिहरपुत्र, अर्थात् हरि (विष्णु, मोहिनी रूप में) और हर (शिव) से उत्पन्न पुत्र, तथा मणिकण्ठ के रूप में पूजे जाते हैं, जो पाण्ड्य राजवंश में पले-बढ़े। यह एक श्लोक भक्तों की प्रार्थना का सार समेटे है: यह उन्हें सदा आनन्दमय (सदानन्द) और प्रत्येक प्राणी पर दयालु (सर्वभूतदयापर) के रूप में नमन करता है और दो बार 'रक्ष रक्ष' — 'रक्षा करो, रक्षा करो, हे महाबाहो' — की पुकार करता है। यह उनके नमन 'ॐ श्रीमहाशास्त्रे नमः' से मुद्रित है और यात्रा-काल में 'स्वामिये शरणम् अय्यप्पा' की पुकार के साथ गूँजता है।
Frequently Asked Questions
भूतनाथ स्तोत्रम् क्या है?▼
भूतनाथ कौन हैं?▼
इस श्लोक का प्रयोग कैसे किया जाता है?▼
भक्त इसका पाठ कब करते हैं?▼
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