बुध स्तोत्रम् — Word-by-Word Meaning
बुध स्तोत्रम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
बुध (बुध ग्रह) की स्तुति — बुद्धि, वाणी व विद्या के हरित-वर्ण ग्रह, चंद्र-पुत्र — जो तीव्र बुद्धि, वाक्-पटुता, विद्या व व्यापार में सफलता तथा बुध-दोष शमन हेतु पढ़ी जाती है।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
बुध स्तोत्रम् एक प्रिय पारंपरिक स्तोत्र है। यह बुध (बुध ग्रह) की स्तुति है — बुद्धि, वाणी तथा विद्या के हरित-वर्ण ग्रह, चंद्र-पुत्र की वंदना — जो तीव्र बुद्धि, वाक्-पटुता, विद्या व व्यापार में सफलता तथा बुध-दोष शमन के लिए पढ़ी जाती है।
Frequently Asked Questions
बुध स्तोत्रम् क्या है?▼
बुध (बुध ग्रह) की एक स्तुति — बुद्धि, वाणी तथा विद्या के हरित-वर्ण ग्रह, चंद्र-पुत्र की वंदना — जो तीव्र बुद्धि, वाक्-पटुता, विद्या व व्यापार में सफलता तथा बुध-दोष शमन के लिए पढ़ी जाती है।
इसकी रचना किसने की और इसे कब पढ़ा जाता है?▼
यह एक पारंपरिक स्तोत्र है। इसे प्रातः या सायंकाल भक्ति सहित पढ़ा जाता है, विशेषकर बुधवार को तथा बुधवार के दिनों में।
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