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चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् — Word-by-Word Meaning

चन्द्रमौलीश स्तोत्रम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

चन्द्रमौलीश — मस्तक पर चन्द्रकला धारण करने वाले भगवान शिव — की स्तुति, जो त्रिनेत्र प्रभु, उमापति, शरण व मोक्ष के दाता को वंदन करती है।

Origin & History

Source: Sringeri tradition

Author: Bharati Tirtha

Period: Medieval

चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् परंपरागत रूप से भारती तीर्थ द्वारा रचित माना जाता है। यह चन्द्रमौलीश — मस्तक पर चन्द्रकला धारण करने वाले भगवान शिव — की स्तुति है, जो त्रिनेत्र प्रभु, उमापति, शरण व मोक्ष के दाता का वंदन करती है।

Frequently Asked Questions

चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् क्या है?
चन्द्रमौलीश — मस्तक पर चन्द्रकला धारण करने वाले भगवान शिव — की स्तुति, जो त्रिनेत्र प्रभु, उमापति, शरण व मोक्ष के दाता का वंदन करती है।
इसकी रचना किसने की और कब पाठ किया जाता है?
इसका श्रेय भारती तीर्थ (शृंगेरी परंपरा) को दिया जाता है। इसका पाठ प्रातः या सायं श्रद्धा सहित किया जाता है, विशेषकर सोमवार, महाशिवरात्रि और श्रावण मास में।

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