दामोदराष्टकम् — Word-by-Word Meaning
दामोदराष्टकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
कृष्ण के दामोदर रूप — जिनकी कमर माता यशोदा ने रस्सी से बाँधी — की प्रिय आठ श्लोकों की स्तुति। विशेषतः कार्तिक (दामोदर) मास भर गाई जाती है, यह उन प्रभु को वंदन करती है जो भक्तों के प्रेम से बँध जाते हैं।
Origin & History
Source: Padma Purana
Author: Satyavrata Muni (Padma Purana)
Period: Puranic
दामोदराष्टकम् परम्परागत रूप से सत्यव्रत मुनि (पद्म पुराण) को आरोपित है। यह कृष्ण के दामोदर रूप — जिनकी कमर माता यशोदा ने रस्सी से बाँधी — की प्रिय आठ श्लोकों की स्तुति है। विशेषतः कार्तिक (दामोदर) मास भर गाई जाती है, यह उन प्रभु को वंदन करती है जो भक्तों के प्रेम से बँध जाते हैं।
Frequently Asked Questions
दामोदराष्टकम् क्या है?▼
कृष्ण के दामोदर रूप — जिनकी कमर माता यशोदा ने रस्सी से बाँधी — की प्रिय आठ श्लोकों की स्तुति। विशेषतः कार्तिक (दामोदर) मास भर गाई जाती है, यह उन प्रभु को वंदन करती है जो भक्तों के प्रेम से बँध जाते हैं।
दामोदराष्टकम् की रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह सत्यव्रत मुनि (पद्म पुराण) को आरोपित है। इसका पाठ प्रातः अथवा सायं श्रद्धापूर्वक किया जाता है, और विशेषतः बुधवार और एकादशी को तथा जन्माष्टमी और एकादशी पर।
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