गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम् — Word-by-Word Meaning
गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
मधुर पञ्चचामर छंद में रचित भगवान गणेश की स्तुति — जो विघ्नहर्ता, गजानन, आरंभ के अधिपति, शिव-पार्वती-पुत्र को वंदन करती है।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम् एक प्रिय परम्परागत स्तोत्र है। मधुर पञ्चचामर छंद में रचित भगवान गणेश की स्तुति — जो विघ्नहर्ता, गजानन, आरंभ के अधिपति, शिव-पार्वती-पुत्र को वंदन करती है।
Frequently Asked Questions
गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम् क्या है?▼
मधुर पञ्चचामर छंद में रचित भगवान गणेश की स्तुति — जो विघ्नहर्ता, गजानन, आरंभ के अधिपति, शिव-पार्वती-पुत्र को वंदन करती है।
गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम् की रचना किसने की, और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह एक परम्परागत स्तोत्र है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धापूर्वक किया जाता है, और विशेषकर बुधवार और चतुर्थी को तथा गणेश चतुर्थी और संकष्टी के समय।
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