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क्लीं बीज मंत्र — Word-by-Word Meaning

क्लीं बीज मंत्र

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Om
सृष्टि की आदि-ध्वनि — विश्वव्यापी स्पन्दन
क्लीं
Kleem
काम-बीज — दिव्य आकर्षण, प्रेम और चुंबकत्व का बीज, जो कामदेव, कृष्ण और काली से सम्बद्ध है
Ka
कामदेव (प्रेम के देवता) और कृष्ण का प्रतीक — अपार आकर्षण की शक्ति
La
इन्द्र और सन्तोष (पृथ्वी तत्त्व) का प्रतीक — पूर्णता और तृप्ति
Ee
महामाया — वह परम स्त्री-शक्ति जो प्रदान करती और आकर्षित करती है
ं (बिन्दु)
Anusvara (Bindu)
शक्ति का अनुनासिक नाद और बिन्दु — आनन्द देने वाला और शोक हरने वाला
नमः
Namah
मैं नमन करता हूँ, समर्पित होता हूँ — हृदय को दिव्य को अर्पित करना
कृष्णाय
Krishnaya
कृष्ण के लिए — सर्वाकर्षक भगवान, प्रेम और भक्ति के परम विषय
काम
Kama
इच्छा और प्रेम — यहाँ शुद्ध दिव्य आकांक्षा और आकर्षण की शक्ति
कामदेव
Kamadeva
प्रेम और कामना के देवता, जिनका बीज-नाद क्लीं आकर्षण का अधिष्ठाता है
आकर्षण
Akarshana
आकर्षण — क्लीं बीज द्वारा आवाहित चुंबकीय खिंचाव की शक्ति
कृष्ण
Krishna
सर्वाकर्षक भगवान — 'कृष्ण' का अर्थ है वह जो सबको अपनी ओर खींचता है
काली
Kali
देवी काली, जिनके लिए क्लीं कृपा और आकर्षण का प्रिय बीज भी है
बीज
Beej
बीज — एक ही अक्षर जिसमें देवता की सम्पूर्ण शक्ति समाई है
प्रेम
Prema
दिव्य प्रेम — वह सर्वोच्च, निःस्वार्थ प्रेम जिसे क्लीं जगाता है
वशीकरण
Vashikarana
हृदयों और मनों को सद्भाव और सौहार्द में जोड़ने की शक्ति

Complete Translation

ॐ क्लीं — मैं दिव्य आकर्षण और प्रेम के बीज-मंत्र को प्रणाम करता हूँ, जो कामदेव, कृष्ण एवं काली का काम-बीज है। ॐ क्लीं, सर्वाकर्षक भगवान कृष्ण को नमस्कार।

Origin & History

Source: Tantric tradition; Shakta and Vaishnava Agamas and bija-mantra texts

Author: Tantric and Vedic seers (traditional)

Period: Ancient

बीज-मंत्र परम्परा में क्लीं को काम-बीज के रूप में महिमामंडित किया गया है — शुद्धतम, दिव्य अर्थ में आकर्षण और कामना का बीज। यह 'क' (कामदेव/कृष्ण), 'ल' (सन्तोष और पृथ्वी तत्त्व), 'ई' (महामाया) और बिन्दु से बना है। चूँकि कृष्ण सर्वाकर्षक भगवान के रूप में प्रसिद्ध हैं जो हर हृदय को खींचते हैं, और कामदेव प्रेम के अधिष्ठाता हैं, क्लीं दिव्य प्रेम के मंत्रों का केन्द्र बन गया; यह काली के मंत्रों में भी कृपा के कोमल बीज रूप में विद्यमान है।

Frequently Asked Questions

क्लीं बीज मंत्र का क्या अर्थ है?
क्लीं (क्लीं) 'काम-बीज' है — दिव्य आकर्षण, प्रेम और चुंबकत्व का बीज-नाद। इसका कोई शब्दकोशीय अर्थ नहीं है, किन्तु इसमें कामदेव (प्रेम के देवता), सर्वाकर्षक भगवान कृष्ण और देवी काली की ऊर्जा समाई है। इसका जप प्रेममयी भक्ति और सात्त्विक आकर्षण-शक्ति जगाता है।
क्लीं किस देवता से सम्बद्ध है?
क्लीं अनेक देवताओं से जुड़ा है: कामदेव (प्रेम के देवता), कृष्ण (कृष्ण का शाब्दिक अर्थ है 'सर्वाकर्षक'), और काली, जिनके मंत्रों में क्लीं कृपा के बीज रूप में आता है। इसलिए यह वैष्णव भक्ति और शाक्त उपासना दोनों में प्रयुक्त होता है।
क्या क्लीं का प्रयोग आकर्षण या प्रेम के लिए किया जा सकता है?
हाँ, किन्तु सही भावना के साथ। परम्परा से क्लीं का जप दिव्य प्रेम जगाने, भक्ति गहरी करने और संबंधों में सद्भाव व सौहार्द लाने के लिए किया जाता है। इसका अभ्यास निःस्वार्थ भाव से सर्वोच्च कल्याण के लिए करना चाहिए — किसी पर हावी होने, उसे वश में करने या हानि पहुँचाने के लिए नहीं, जो इसकी सच्ची भावना के विरुद्ध है।
क्लीं मंत्र का जप कैसे करना चाहिए?
'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' (या केवल क्लीं) का जप प्रतिदिन 108 बार माला से करें, श्रेष्ठतः प्रातःकाल शुद्ध, प्रेमपूर्ण हृदय से। 40 दिन का संकल्प पारम्परिक है, और हरे कृष्ण महामंत्र जैसी कृष्ण-भक्ति के साथ जोड़ने से इसकी मधुरता बढ़ती है।

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