क्लीं बीज मंत्र
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✦ अर्थ
क्लीं (क्लीं) प्रसिद्ध 'काम-बीज' है — दिव्य आकर्षण, प्रेम और चुंबकत्व का बीज मंत्र। यह कामदेव (प्रेम के देवता), सर्वाकर्षक भगवान कृष्ण, तथा देवी काली से संबंधित है, जिनके मंत्रों में यह कृपा और पूर्णता प्रदान करता है। शुद्ध हृदय से जपने पर यह प्रेममयी भक्ति को गहरा करने, संबंधों में सामंजस्य लाने और सर्वोत्तम शुभ को आकर्षित करने हेतु प्रयोग होता है।
उत्पत्ति और कथा
Tantric tradition; Shakta and Vaishnava Agamas and bija-mantra texts · Tantric and Vedic seers (traditional) · Ancient
बीज-मंत्र परम्परा में क्लीं को काम-बीज के रूप में महिमामंडित किया गया है — शुद्धतम, दिव्य अर्थ में आकर्षण और कामना का बीज। यह 'क' (कामदेव/कृष्ण), 'ल' (सन्तोष और पृथ्वी तत्त्व), 'ई' (महामाया) और बिन्दु से बना है। चूँकि कृष्ण सर्वाकर्षक भगवान के रूप में प्रसिद्ध हैं जो हर हृदय को खींचते हैं, और कामदेव प्रेम के अधिष्ठाता हैं, क्लीं दिव्य प्रेम के मंत्रों का केन्द्र बन गया; यह काली के मंत्रों में भी कृपा के कोमल बीज रूप में विद्यमान है।
✦ शास्त्रों में वर्णित
भक्त कहते हैं कि शुद्ध हृदय से क्लीं का निष्ठापूर्वक जप रूखेपन और दूरियों को पिघला देता है, जहाँ प्रेम नहीं था वहाँ भी ऊष्मा और भक्ति जगा देता है। भक्ति परम्परा में कहा जाता है कि क्लीं-कृष्ण का सर्वाकर्षक नाद भटकते मन को अनायास प्रभु की ओर खींच लेता है, जैसे कभी कृष्ण की बाँसुरी वृन्दावन की गोपियों को खींच लेती थी।
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ॐ क्लीं
Om Kleem
अर्थ:ॐ क्लीं — मैं दिव्य आकर्षण और प्रेम के बीज-मंत्र को प्रणाम करता हूँ, जो कामदेव, कृष्ण एवं काली का काम-बीज है। ॐ क्लीं, सर्वाकर्षक भगवान कृष्ण को नमस्कार।
ॐ क्लीं नमः
Om Kleem Namah
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
Om Kleem Krishnaya Namah
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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क्लीं बीज मंत्र पाठ के लाभ
दिव्य प्रेम और भक्ति जगाता है — क्लीं प्रेम (निःस्वार्थ प्रेम) को गहरा करता है, विशेषतः सर्वाकर्षक भगवान कृष्ण के प्रति, और हृदय को दिव्य के निकट लाता है।
चुंबकत्व और आकर्षण प्रदान करता है — काम-बीज के रूप में यह जापक के व्यक्तित्व में सात्त्विक ढंग से चुंबकत्व, आत्मीयता और प्रियता बढ़ाता है।
संबंधों में सामंजस्य लाता है — कलह को मिटाकर हृदयों को सद्भाव, स्नेह और परस्पर समझ में जोड़ने के लिए प्रयुक्त होता है।
श्रेष्ठ कामनाओं को पूर्ण करता है — क्लीं पूर्णता का बीज है, जो सच्ची और धर्मसम्मत इच्छाओं को फलीभूत करने में सहायक है।
देवी-उपासना में कृपा प्रदान करता है — काली और देवी के मंत्रों में क्लीं माँ की शक्ति के साथ उनकी कोमल, आकर्षक कृपा का आवाहन करता है।
आन्तरिक आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ाता है — नियमित अभ्यास हृदय को स्थिर करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है और एक सौम्य, मनोहर आभा प्रसारित करता है।
क्लीं बीज मंत्र जप विधि
स्वच्छ, शान्त स्थान पर कृष्ण या देवी के चित्र के समक्ष बैठें। श्वास को स्थिर कर 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' (या केवल 'क्लीं') का 108 बार जप करें — तुलसी माला (कृष्ण हेतु) या रुद्राक्ष माला से। 'क-ली-म्' का उच्चारण करें और बिन्दु के नाद को हृदय में गुंजने दें। भावना शुद्ध और निःस्वार्थ रखें — क्लीं तभी सर्वोत्तम फल देता है जब इसका जप दिव्य प्रेम, सद्भाव और सबके कल्याण के लिए हो, कभी किसी को वश में करने या हानि पहुँचाने के लिए नहीं। भक्तिपूर्वक 40 दिन का अभ्यास पारम्परिक है, और यह हरे कृष्ण महामंत्र के साथ सुन्दर मेल खाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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