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कृष्ण मंत्र — Word-by-Word Meaning

कृष्ण मंत्र

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Om
आदिनाद (परम ध्वनि)
क्लीं
Kleem
दिव्य प्रेम और आकर्षण का बीज — कृष्ण को प्रिय काम-बीज
कृष्णाय
Krishnaya
भगवान कृष्ण को
नमः
Namah
नमस्कार / मैं प्रणाम करता हूँ

Complete Translation

ॐ। दिव्य प्रेम के बीज सहित भगवान कृष्ण को नमस्कार है।

Origin & History

Source: The beej mantra of Lord Krishna

Author: Traditional (Vedic / Puranic)

"ॐ क्लीं कृष्णाय नमः" भगवान कृष्ण का बीज मंत्र है — प्रेम के सर्व-आकर्षक स्वामी और विष्णु के आठवें अवतार का। इसका बीज "क्लीं", दिव्य आकर्षण का अक्षर, इसे कृष्ण की मधुरता और कृपा का मंत्र बनाता है। भक्त इसे चिरकाल से अपनी भक्ति को गहरा करने, अपने सम्बन्धों को आशीष देने, और वृन्दावन के स्वामी द्वारा सहज दिए जाने वाले आनन्द का आस्वादन करने के लिए जपते आए हैं।

Frequently Asked Questions

कृष्ण मंत्र क्या है?
भगवान कृष्ण का बीज मंत्र है "ॐ क्लीं कृष्णाय नमः"। "क्लीं" दिव्य प्रेम और आकर्षण का बीज (काम-बीज) है, जो इसे कृष्ण की प्रेममयी, सर्व-आकर्षक कृपा का मंत्र बनाता है।
कृष्ण मंत्र के क्या लाभ हैं?
यह भक्ति, प्रेममय और सौहार्द्रपूर्ण सम्बन्धों, वैवाहिक सुख, मोहकता और सच्ची कामनाओं की पूर्ति के लिए तथा हृदय को कृष्ण-भक्ति के आनन्द से भरने के लिए जपा जाता है।
कृष्ण मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?
इसे प्रतिदिन तुलसी की माला पर 108 बार जपें, प्रातः या सायं। इसे दिनभर कृष्ण के सरल स्मरण के रूप में भी जपा जा सकता है।
"क्लीं" का क्या अर्थ है?
"क्लीं" एक बीज (बीजाक्षर) है जो दिव्य प्रेम, आकर्षण और कामना की पूर्ति से जुड़ा है। इस मंत्र में यह भगवान कृष्ण के प्रेममय, सर्व-आकर्षक स्वरूप का आह्वान करता है।
और कौन-सी कृष्ण प्रार्थनाएँ मैं पढ़ सकता हूँ?
इस मंत्र के साथ हरे कृष्ण महामंत्र, कृष्ण चालीसा, "अच्युतम् केशवम्" और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का पाठ करें।

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