कृष्णाय वासुदेवाय — Word-by-Word Meaning
कृष्णाय वासुदेवाय
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
कृष्णाय वासुदेवाय
Krishnaya vasudevaya
वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण को
हरये परमात्मने
Haraye paramatmane
परमात्मा हरि को
प्रणतक्लेशनाशाय
Pranata-klesa-nashaya
शरणागतों (नतमस्तकों) के क्लेशों का नाश करने वाले को
गोविन्दाय नमो नमः
Govindaya namo namah
गोविन्द को बार-बार नमस्कार
Complete Translation
वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण को, परमात्मा हरि को, शरणागतों के क्लेश का नाश करने वाले गोविन्द को बार-बार नमस्कार है।
Origin & History
Source: Traditional Krishna namaskara shloka (Vishnu/Krishna stotra tradition)
Author: Traditional
Period: Classical
यह प्रिय एक-श्लोक नमस्कार संपूर्ण विश्व में भगवान श्रीकृष्ण को श्रद्धांजलि के रूप में जपा जाता है। उन्हें उनके सर्वाधिक प्रिय नामों — कृष्ण, वासुदेव, हरि, परमात्मा और गोविंद — से संबोधित करते हुए यह उनकी उस परमात्मा के रूप में स्तुति करता है जो उनकी शरण में आने वालों के सभी दुःख नष्ट करते हैं। छोटा और पूर्ण होने के कारण इसे कृष्ण पूजा के समापन पर जपा जाता है तथा शांति और दुःख से मुक्ति के लिए जप के रूप में दोहराया जाता है।
Frequently Asked Questions
कृष्णाय वासुदेवाय का क्या अर्थ है?▼
यह भगवान श्रीकृष्ण को नमस्कार है — वासुदेव के पुत्र, हरि, परमात्मा और गोविंद — जो अपने शरणागतों के दुःख नष्ट करते हैं। 'नमो नमः' का अर्थ है बार-बार नमस्कार।
कृष्णाय वासुदेवाय कब जपा जाता है?▼
यह प्रतिदिन श्रीकृष्ण को एक छोटे नमस्कार के रूप में, पूजा और स्तोत्रों के अंत में, तथा विशेष रूप से जन्माष्टमी और एकादशी को जपा जाता है। बहुत से लोग इसे कष्टों से मुक्ति के लिए एक सरल जप के रूप में दोहराते हैं।
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