मनोजवं मारुततुल्यवेगं PDF
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मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥
Manojavam marutatulyavegam jitendriyam buddhimatam varishtham Vatatmajam vanarayuthamukhyam shriramadutam sharanam prapadye
मन के समान वेग वाले, पवन के समान गति वाले, इंद्रियों को जीतने वाले, बुद्धिमानों में श्रेष्ठ, पवनपुत्र, वानर-सेना के प्रमुख, श्रीराम के दूत — उन (हनुमान) की मैं शरण लेता हूँ।