मार्कण्डेय शिवाष्टकम् — Word-by-Word Meaning
मार्कण्डेय शिवाष्टकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
ऋषि मार्कण्डेय — जिन्होंने शिव-कृपा से मृत्यु पर विजय पाई — द्वारा भगवान शिव की आठ श्लोकों की स्तुति, जो गोदावरी-तट के अधिपति, पशुपति, भय व मृत्यु के नाशक को वंदन करती है।
Origin & History
Source: Traditional (sage Markandeya)
Author: Markandeya
Period: Puranic
मार्कण्डेय शिवाष्टकम् परम्परागत रूप से ऋषि मार्कण्डेय को आरोपित है। यह ऋषि मार्कण्डेय — जिन्होंने शिव-कृपा से मृत्यु पर विजय पाई — द्वारा भगवान शिव की आठ श्लोकों की स्तुति है, जो गोदावरी-तट के अधिपति, पशुपति, भय व मृत्यु के नाशक की वंदना करती है।
Frequently Asked Questions
मार्कण्डेय शिवाष्टकम् क्या है?▼
ऋषि मार्कण्डेय — जिन्होंने शिव-कृपा से मृत्यु पर विजय पाई — द्वारा भगवान शिव की आठ श्लोकों की स्तुति, जो गोदावरी-तट के अधिपति, पशुपति, भय व मृत्यु के नाशक को वंदन करती है।
मार्कण्डेय शिवाष्टकम् की रचना किसने की, और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह ऋषि मार्कण्डेय (परम्परागत — ऋषि मार्कण्डेय) को समर्पित है। इसका पाठ प्रातः या संध्या को भक्ति के साथ किया जाता है, और विशेषकर सोमवार को तथा महाशिवरात्रि, प्रदोष और श्रावण मास में।
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