णमोकार मंत्र Meaning — Line by Line
णमोकार मंत्र
Every verse and every word explained in English & Hindi
Meaning — Line by Line
Every verse of णमोकार मंत्र with its Hindi meaning. Tap any word to hear it, or ▶ to recite the verse.
Namo Arihantanam
णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आयरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्व साहूणं
Namo Arihantanam Namo Siddhanam Namo Aayariyanam Namo Uvajjhayanam Namo Loe Savva Sahunam
Meaningअरिहन्तों को नमस्कार, सिद्धों को नमस्कार, आचार्यों को नमस्कार, उपाध्यायों को नमस्कार, लोक के समस्त साधुओं को नमस्कार।
Eso Panch Namokkaro
एसो पंच णमोक्कारो सव्व पावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पढमं हवइ मंगलं
Eso Panch Namokkaro Savva Pavappanasano Mangalanam Cha Savvesim Padhamam Havai Mangalam
Meaningयह पञ्च-नमस्कार समस्त पापों का नाश करने वाला है, और सब मंगलों में प्रथम (सर्वश्रेष्ठ) मंगल है।
Word-by-Word Breakdown
Origin & History
Source: Jain Agamas (ancient Jain scriptures)
Author: Ancient Jain tradition (pre-Mahavira)
Period: Over 2,500 years old
णमोकार मंत्र 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर (599-527 ई.पू.) से भी पूर्व का है। इसे नित्य (शाश्वत) माना जाता है — किसी के द्वारा रचा नहीं गया, बल्कि अनादि काल से विद्यमान। जब महावीर ने केवल ज्ञान (सर्वज्ञता) प्राप्त किया, तब देवताओं ने उत्सव में इस मंत्र का उच्चारण किया। यह प्रत्येक जैन बालक को सिखाई जाने वाली पहली प्रार्थना है और मृत्यु के समय जैन के होठों पर अंतिम प्रार्थना है।
Frequently Asked Questions
णमोकार मंत्र क्या है?▼
क्या अजैन भी णमोकार मंत्र का जप कर सकते हैं?▼
णमोकार मंत्र में ईश्वर का उल्लेख क्यों नहीं है?▼
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