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परशुराम अष्टकम् — Word-by-Word Meaning

परशुराम अष्टकम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

परशुराम — विष्णु के छठे अवतार, फरसाधारी, उग्र तेजस्वी योद्धा-ऋषि, जमदग्नि-पुत्र व समस्त शस्त्रों के स्वामी — की आठ श्लोकों की स्तुति।

Origin & History

Source: Traditional

Author: Traditional

Period: Classical

परशुराम अष्टकम् एक प्रिय पारंपरिक स्तोत्र है। यह परशुराम — विष्णु के छठे अवतार, फरसाधारी, उग्र तेजस्वी योद्धा-ऋषि, जमदग्नि-पुत्र व समस्त शस्त्रों के स्वामी — की आठ श्लोकों की स्तुति है।

Frequently Asked Questions

परशुराम अष्टकम् क्या है?
यह परशुराम — विष्णु के छठे अवतार, फरसाधारी, उग्र तेजस्वी योद्धा-ऋषि, जमदग्नि-पुत्र व समस्त शस्त्रों के स्वामी — की आठ श्लोकों की स्तुति है।
परशुराम अष्टकम् की रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?
यह एक पारंपरिक स्तोत्र है। इसका पाठ प्रातः या संध्या समय भक्ति के साथ किया जाता है, और विशेष रूप से गुरुवार एवं एकादशी को तथा एकादशी और विष्णु पर्वों के समय किया जाता है।

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