पायो जी मैंने राम रतन धन पायो Meaning — Line by Line
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो
Every verse and every word explained in English & Hindi
Meaning — Line by Line
Every verse of पायो जी मैंने राम रतन धन पायो with its Hindi meaning. Tap any word to hear it, or ▶ to recite the verse.
Payo ji maine Ram ratan dhan payo
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो॥
Payo ji maine Ram ratan dhan payo Vastu amolik di mere satguru, kirpa kar apnayo
Meaningअहा, मैंने राम-नाम रूपी अमूल्य धन पा लिया! मेरे सद्गुरु ने यह अनमोल वस्तु दी और कृपा करके मुझे अपना लिया।
Janam janam ki punji payi, jag mein sabhi khovayo
जनम जनम की पूँजी पाई, जग में सभी खोवायो। खरचै नहिं कोई चोर न लूटै, दिन दिन बढ़त सवायो॥
Janam janam ki punji payi, jag mein sabhi khovayo Kharchai nahin koi chor na lutai, din din badhat savayo
Meaningमैंने जन्म-जन्म की पूँजी पाई, जबकि जगत में सब कुछ खो दिया। यह धन न खर्च होता है, न कोई चोर इसे लूट सकता है — दिन-प्रतिदिन यह सवाया बढ़ता है।
Sat ki naav khevatiya satguru, bhavsagar tar aayo
सत की नाव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो। मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख हरख जस गायो॥
Sat ki naav khevatiya satguru, bhavsagar tar aayo Meera ke prabhu Girdhar Nagar, harakh harakh jas gayo
Meaningसत्य की नाव के खेवैया सद्गुरु हैं, जिनके द्वारा मैं भवसागर तर गई। मीरा के प्रभु गिरधर नागर हैं; हर्ष-हर्ष से वह उनका यश गाती है।
Word-by-Word Breakdown
Origin & History
Source: Composed by Meera Bai (16th-century bhakti tradition)
Author: Meera Bai
Period: 16th century
मीराबाई, वह राजपूत राजकुमारी जिन्होंने कृष्ण की भक्ति के लिए राजमहल का जीवन त्याग दिया, ने अपनी भक्ति सैकड़ों पदों में उँडेल दी। इस पद में वह घोषणा करती हैं कि उन्होंने सच्चा, अविनाशी धन — दिव्य नाम — पा लिया है, जो उनके गुरु की कृपा से प्रदान हुआ। एक ऐसे खजाने का चित्र, जो न खर्च हो सकता है, न चुराया जा सकता है, और केवल बढ़ता ही है, ने इसे भारत के सर्वाधिक प्रिय भजनों में से एक बना दिया है।
Frequently Asked Questions
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो की रचना किसने की?▼
'राम रतन धन' (राम-नाम रूपी धन) क्या है?▼
क्या यह भजन राम के बारे में है या कृष्ण के?▼
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