साधन पञ्चकम् — Word-by-Word Meaning
साधन पञ्चकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
आदि शंकराचार्य के साधना के पाँच श्लोक — चालीस सूत्रों में सम्पूर्ण मार्ग: "नित्य वेद पढ़ो, स्वकर्म भली-भाँति करो, उसका फल ईश्वर को अर्पित करो, कामना त्यागो, संसार के दोष देखो, आत्मा की खोज करो, घर छोड़ो, सत्संग करो…"
Origin & History
Source: Ascribed to Adi Shankaracharya
Author: Adi Shankaracharya
Period: Classical
साधन पञ्चकम् पारम्परिक रूप से आदि शंकराचार्य को श्रेय दिया जाता है। आदि शंकराचार्य के साधना के पाँच श्लोक — चालीस सूत्रों में सम्पूर्ण मार्ग: “नित्य वेद पढ़ो, स्वकर्म भली-भाँति करो, उसका फल ईश्वर को अर्पित करो, कामना त्यागो, संसार के दोष देखो, आत्मा की खोज करो, घर छोड़ो, सत्संग करो…”
Frequently Asked Questions
साधन पञ्चकम् क्या है?▼
आदि शंकराचार्य के साधना के पाँच श्लोक — चालीस सूत्रों में सम्पूर्ण मार्ग: “नित्य वेद पढ़ो, स्वकर्म भली-भाँति करो, उसका फल ईश्वर को अर्पित करो, कामना त्यागो, संसार के दोष देखो, आत्मा की खोज करो, घर छोड़ो, सत्संग करो…”
इसकी रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह आदि शंकराचार्य को श्रेय दिया जाता है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धा से किया जाता है, विशेष रूप से सोमवार को तथा महाशिवरात्रि और श्रावण में।
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