संकट कटै मिटै सब पीरा — Word-by-Word Meaning
संकट कटै मिटै सब पीरा
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
संकट
sankat
संकट, विपत्ति, आपदा, कठिनाई
कटै
katai
कट जाता है, दूर हो जाता है
मिटै
mitai
मिट जाता है, समाप्त हो जाता है
सब
sab
सब, समस्त
पीरा
peera
पीड़ा, दुःख, कष्ट
जो
jo
जो कोई
सुमिरै
sumirai
स्मरण करता है, ध्यान करता है, याद करता है
हनुमत
Hanumat
हनुमान
बलबीरा
balbeera (bala-vira)
बलवीर — बलशाली और वीर हनुमान
Complete Translation
जो बलवीर हनुमान का स्मरण करता है, उसके सब संकट कट जाते हैं और सारी पीड़ा मिट जाती है॥
Origin & History
Source: Hanuman Chalisa (chaupai)
Author: Tulsidas
Period: 16th century CE
हनुमान चालीसा की स्तुतियों के समापन के निकट गोस्वामी तुलसीदास हनुमान-स्मरण के परम वरदान की पुष्टि करते हैं: जो उन्हें मन में लाता है, उसका हर संकट कट जाता है और सारी पीड़ा समाप्त हो जाती है। यह पद हनुमानजी की संकट मोचन — कठिनाइयों के हर्ता — पहचान को साकार करता है, जो सम्पूर्ण रामायण में महिमामंडित भूमिका है, जहाँ वे बार-बार राम, लक्ष्मण और भक्तों को घोर संकटों से उबारते हैं।
Frequently Asked Questions
'संकट कटै मिटै सब पीरा' का क्या अर्थ है?▼
इसका अर्थ है 'संकट कट जाते हैं और सारी पीड़ा मिट जाती है।' पूरी पंक्ति कहती है कि यह उसके लिए होता है जो बलवीर हनुमान — 'हनुमत बलबीरा' — का स्मरण (सुमिरै) करता है।
क्या हनुमानजी के 'संकट मोचन' नाम के पीछे यही पद है?▼
हाँ। यह चौपाई ठीक-ठीक यही व्यक्त करती है कि हनुमानजी संकट मोचन, अर्थात् 'संकटों के हर्ता', क्यों कहलाते हैं। यह सिखाती है कि उनका स्मरण हर संकट को काट देता है और सारी पीरा (पीड़ा) को दूर कर देता है।
इस पद का जप कब करना चाहिए?▼
यह किसी भी कठिनाई, खतरे, भय, चिन्ता या दुःख के समय जपा जाता है। संकट आते ही भक्त इसे दोहराते हैं, इस विश्वास के साथ कि हनुमत बलबीरा का स्मरण कठिनाई को विलीन कर देगा।
यहाँ 'सुमिरै' (स्मरण) का क्या अर्थ है?▼
'सुमिरै' का अर्थ है स्मरण करना या मन में लाना। पद सिखाता है कि श्रद्धा के साथ बलशाली हनुमान का केवल स्मरण ही — बिना किसी विस्तृत कर्मकाण्ड के — संकट और पीड़ा दूर करने के लिए पर्याप्त है।
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