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शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम् — Word-by-Word Meaning

शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

भगवान शिव से अपनी पूजा व जीवन की त्रुटियों व अपराधों की क्षमा माँगती हुई हृदयस्पर्शी प्रार्थना — "हे शंकर, पार्वतीपते, कृपा कर मेरी रक्षा करो।" शरणागत भाव से यह स्तोत्र प्रभु से समस्त अपराध क्षमा कर कृपा देने की याचना करता है।

Origin & History

Source: Traditional (ascribed to Adi Shankaracharya)

Author: Adi Shankaracharya

Period: Classical

शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम् परंपरागत रूप से आदि शंकराचार्य को आरोपित है। यह भगवान शिव से अपनी पूजा और जीवन की त्रुटियों व अपराधों की क्षमा माँगती हुई एक हृदयस्पर्शी प्रार्थना है — 'हे शंकर, पार्वतीपते, कृपा कर मेरी रक्षा करो।' शरणागत भाव से यह प्रभु से समस्त अपराध (अपराध) क्षमा कर अपनी कृपा देने की याचना करता है।

Frequently Asked Questions

शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम् क्या है?
भगवान शिव से अपनी पूजा और जीवन की त्रुटियों व अपराधों की क्षमा माँगती हुई एक हृदयस्पर्शी प्रार्थना — 'हे शंकर, पार्वतीपते, कृपा कर मेरी रक्षा करो।' शरणागत भाव से यह प्रभु से समस्त अपराध (अपराध) क्षमा कर अपनी कृपा देने की याचना करता है।
शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम् की रचना किसने की, और इसे कब जपा जाता है?
यह आदि शंकराचार्य को आरोपित है (परंपरागत, आदि शंकराचार्य को आरोपित)। इसे प्रातः या संध्या को भक्ति के साथ, तथा विशेषकर सोमवार को और महाशिवरात्रि, प्रदोष व श्रावण मास के समय जपा जाता है।

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