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शिवाष्टकम् (व्यास) — Word-by-Word Meaning

शिवाष्टकम् (व्यास)

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

ऋषि वेद व्यास द्वारा कथित भगवान शिव की आठ श्लोकों की स्तुति, जो स्कन्द पुराण के काशीखण्ड में है — शिव को परमेश्वर व मोक्षदाता रूप में वंदन करती है।

Origin & History

Source: Skanda Purana, Kashi Khanda

Author: Veda Vyasa

Period: Puranic

शिवाष्टकम् (व्यास) परंपरागत रूप से वेद व्यास को आरोपित है। यह ऋषि वेद व्यास द्वारा कथित भगवान शिव की आठ श्लोकों की स्तुति है, जो स्कन्द पुराण के काशीखण्ड में मिलती है — शिव को परमेश्वर और मोक्षदाता रूप में वंदन करती है।

Frequently Asked Questions

शिवाष्टकम् (व्यास) क्या है?
ऋषि वेद व्यास द्वारा कथित भगवान शिव की आठ श्लोकों की स्तुति, जो स्कन्द पुराण के काशीखण्ड में मिलती है — शिव को परमेश्वर और मोक्षदाता रूप में वंदन करती है।
शिवाष्टकम् (व्यास) की रचना किसने की, और इसे कब जपा जाता है?
यह वेद व्यास को आरोपित है (स्कन्द पुराण, काशीखण्ड)। इसे प्रातः या संध्या को भक्ति के साथ, तथा विशेषकर सोमवार को और महाशिवरात्रि, प्रदोष व श्रावण मास के समय जपा जाता है।

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