श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे — Word-by-Word Meaning
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
श्री कृष्ण
Shri Krishna
श्री कृष्ण — श्रीयुक्त कृष्ण — सर्व-आकर्षक भगवान
गोविन्द
Govinda
गोविन्द — गौओं के रक्षक; इन्द्रियों और पृथ्वी को आनन्द देने वाले
हरे
Hare
हरे — हे हरि — दुःख हरने वाले और हृदय चुराने वाले
मुरारे
Murare
मुरारे — हे मुर दैत्य के शत्रु
हे नाथ
He Natha
हे नाथ — हे प्रभु, हे स्वामी
नारायण
Narayana
नारायण — समस्त प्राणियों के आश्रय व विश्रामस्थल
वासुदेव
Vasudeva
वासुदेव — वसुदेव-पुत्र; सर्वव्यापी
Complete Translation
हे श्री कृष्ण, गोविन्द, हरि, मुरारि; हे नाथ नारायण, वासुदेव — मैं आपके नामों का स्मरण करता हूँ।
यह कृष्ण के प्रिय नामों की एक सरल माला है, जिसे बार-बार स्मरण रूप में गाया जाता है।
Origin & History
Source: Traditional Krishna bhajan (naam-kirtan)
Author: Traditional
Period: Traditional, sung across the bhakti tradition
भक्ति परम्परा में, केवल भगवान के नामों का गायन (नाम-कीर्तन) एक पूर्ण आध्यात्मिक साधना मानी जाती है। यह धुन कृष्ण के सबसे प्रिय नामों को दो छोटी पंक्तियों में एकत्र करती है ताकि हर आयु और सामर्थ्य के भक्त इसमें भाग ले सकें। यह लम्बे समय से सामूहिक गायन के लिए प्रिय रही है, जहाँ दिव्य नामों की पुनरावृत्ति एक साधारण मंडली को साझी उपासना में बदल देती है।
Frequently Asked Questions
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी क्या है?▼
यह एक लोकप्रिय कृष्ण नाम-कीर्तन है — एक भक्ति-गान जो पूर्णतः भगवान के नामों (कृष्ण, गोविन्द, हरि, मुरारि, नारायण, वासुदेव) से बना है। बार-बार गाया जाने वाला, यह सबसे सरल और सर्वाधिक प्रिय कृष्ण भजनों में से एक है।
'मुरारे' का अर्थ क्या है?▼
'मुरारे' कृष्ण को मुर नामक दैत्य के संहारक के रूप में सम्बोधित करता है, यह उपाधि उन्हें मुरारि नाम भी देती है — भगवान का स्मरण जो रक्षक के रूप में बुराई को दूर करते हैं।
इसे सामान्यतः कैसे गाया जाता है?▼
एक धुन के रूप में — सामूहिक गायन में तालियों के साथ एक पुनरावृत्त, प्रवाहमान राग। इसका अनुसरण करना सरल है, इसलिए पूरी मंडली पहली बार सुनने पर भी इसमें सम्मिलित हो सकती है।
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