विष्णु मंत्र — Word-by-Word Meaning
विष्णु मंत्र
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
ॐ
Om
आदि-नाद (प्रणव)
नमो
Namo
नमस्कार / मैं नमन करता हूँ
नारायणाय
Narayanaya
नारायण को — भगवान विष्णु, समस्त प्राणियों के आश्रय-स्थल
Complete Translation
ॐ। समस्त जीवों के आश्रय व पालक भगवान नारायण (विष्णु) को नमस्कार है।
Origin & History
Source: The Ashtakshara mantra of Lord Vishnu (Narayana)
Author: Traditional (Vedic / Puranic)
"ॐ नमो नारायणाय" भगवान विष्णु का अष्टाक्षर — आठ अक्षर वाला मंत्र है, जिनकी आराधना नारायण के रूप में होती है, जो ब्रह्मांडीय जलों पर तथा प्रत्येक प्राणी के हृदय में निवास करते हैं। वैष्णव परंपरा के सर्वोच्च मंत्रों में गिना जाने वाला यह मंत्र युगों से ऋषियों और भक्तों द्वारा शांति के आश्रय, पाप के नाशक और प्रभु की मुक्तिदायिनी कृपा के सुनिश्चित मार्ग के रूप में जपा जाता रहा है।
Frequently Asked Questions
विष्णु मंत्र क्या है?▼
प्रमुख विष्णु मंत्र "ॐ नमो नारायणाय" है — अष्टाक्षर (आठ अक्षर वाला) मंत्र, जो समस्त जीवों के पालक एवं आश्रय भगवान विष्णु अर्थात् नारायण को नमस्कार है। ("ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" इससे संबंधित द्वादशाक्षर मंत्र है।)
विष्णु मंत्र के क्या लाभ हैं?▼
यह शांति, रक्षा, पाप और दुःख के नाश, अटल भक्ति और अंततः मोक्ष के लिए जपा जाता है। संकट के समय और जीवन के अंत में यह एक पावन आश्रय के रूप में पूजनीय है।
विष्णु मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?▼
इसे प्रतिदिन तुलसी की माला पर 108 बार जपें। छोटा और पूर्ण होने के कारण यह अष्टाक्षर मंत्र दिनभर निरंतर जप के लिए भी उत्तम है।
विष्णु मंत्र जपने का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?▼
गुरुवार (विष्णु का दिन), एकादशी और वैकुंठ एकादशी सबसे शुभ हैं, और प्रातःकाल सर्वोत्तम समय है। इसका स्मरण किसी भी समय किया जा सकता है।
मैं कौन-से अन्य विष्णु स्तोत्र पढ़ सकता हूँ?▼
इस मंत्र के साथ "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय", विष्णु सहस्रनाम, विष्णु चालीसा और "ॐ जय जगदीश हरे" आरती का पाठ करें।
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