विश्वनाथ अष्टकम् — Word-by-Word Meaning
विश्वनाथ अष्टकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
विश्वनाथ — काशी (वाराणसी) के अधिपति भगवान शिव — की स्तुति के आठ श्लोक, जो मोक्षपुरी के परम आश्रय हैं। गंगातट की पवित्र नगरी के तीर्थयात्रियों का प्रिय स्तोत्र।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
विश्वनाथ अष्टकम् एक प्रिय परम्परागत स्तोत्र है। यह विश्वनाथ — काशी (वाराणसी) के अधिपति भगवान शिव — की स्तुति के आठ श्लोक हैं, जो मोक्षपुरी के परम आश्रय हैं। गंगातट की पवित्र नगरी के तीर्थयात्रियों का प्रिय स्तोत्र।
Frequently Asked Questions
विश्वनाथ अष्टकम् क्या है?▼
विश्वनाथ — काशी (वाराणसी) के अधिपति भगवान शिव — की स्तुति के आठ श्लोक, जो मोक्षपुरी के परम आश्रय हैं। गंगातट की पवित्र नगरी के तीर्थयात्रियों का प्रिय स्तोत्र।
विश्वनाथ अष्टकम् किसने रचा, और इसे कब पढ़ा जाता है?▼
यह एक परम्परागत स्तोत्र है। इसे प्रातः या संध्या को भक्ति के साथ पढ़ा जाता है, और विशेषकर सोमवार को तथा महाशिवरात्रि, प्रदोष और श्रावण मास के दौरान।
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