काशी पञ्चकम् — Word-by-Word Meaning
काशी पञ्चकम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
आदि शंकराचार्य के काशी (वाराणसी) पर पाँच श्लोक — जो पवित्र नगरी को केवल स्थान नहीं अपितु चेतना का अंतर्-आसन बताते हैं: मन का शमन ही काशी है, व ज्ञान का प्रकाश उसकी नित्य गंगा।
Origin & History
Source: Ascribed to Adi Shankaracharya
Author: Adi Shankaracharya
Period: Classical
काशी पञ्चकम् पारंपरिक रूप से आदि शंकराचार्य को आरोपित है। आदि शंकराचार्य के काशी (वाराणसी) पर ये पाँच श्लोक पवित्र नगरी को केवल स्थान नहीं अपितु चेतना का अंतर-आसन बताते हैं: मन का शमन ही काशी है, और ज्ञान का प्रकाश उसकी नित्य गंगा।
Frequently Asked Questions
काशी पञ्चकम् क्या है?▼
आदि शंकराचार्य के काशी (वाराणसी) पर पाँच श्लोक — जो पवित्र नगरी को केवल स्थान नहीं अपितु चेतना का अंतर-आसन बताते हैं: मन का शमन ही काशी है, और ज्ञान का प्रकाश उसकी नित्य गंगा।
इसकी रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह आदि शंकराचार्य को आरोपित है। इसका पाठ प्रातः या संध्या समय भक्तिपूर्वक किया जाता है, विशेषकर सोमवार को तथा महाशिवरात्रि और श्रावण मास में।
Ready to start chanting?
See Benefits & How to Chant →