मूल मंत्र — Complete Lyrics
मूल मंत्र
Sanskrit text with English transliteration and translation
Verse 1
ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ
करता पुरखु
निरभउ निरवैरु
अकाल मूरति
अजूनी सैभं
गुर प्रसादि ।।
Ik Onkar
Sat Naam
Karta Purakh
Nirbhau Nirvair
Akal Murat
Ajooni Saibhang
Gur Prasad
||
एक ही सर्वव्यापक सृष्टिकर्ता परमेश्वर है। उसका नाम सत्य है। वह सबका रचयिता है। वह भयरहित है। वह बैररहित है। वह कालातीत और निराकार है। वह जन्म-मृत्यु से परे, स्वयंभू है। वह गुरु की कृपा से प्राप्त होता है।
Verse 2
ॐ इक ओंकार
सतिनामु
करता पुरखु
निरभउ निरवैरु
अकाल मूरति
अजूनी सैभं
गुर प्रसादि
Om Ik Onkar
Sat Naam
Karta Purakh
Nirbhau Nirvair
Akal Murat
Ajooni Saibhang
Gur Prasad
ॐ। एक परमेश्वर। सत्य ही उसका नाम है। वह सबका रचयिता है। भयरहित। बैररहित। कालातीत स्वरूप। जन्म-मृत्यु से परे। स्वयं-प्रकाशित। गुरु की कृपा से जाना जाता है।
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