सरस्वती आरती — ॐ जय सरस्वती माता — Complete Lyrics
सरस्वती आरती — ॐ जय सरस्वती माता
Sanskrit text with English transliteration and translation
Verse 1
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
ॐ जय सरस्वती माता॥
Om Jai Saraswati Mata Jai Jai Saraswati Mata
Sadgun Vaibhav Shalini Tribhuvan Vikhyata
Om Jai Saraswati Mata
ॐ जय सरस्वती माता! सद्गुण और वैभव से सम्पन्न, तीनों लोकों में विख्यात। ॐ जय सरस्वती माता!
Verse 2
चन्द्रवदनी पद्मासनी, ध्यान धरत जन जोई।
षट् दर्शन की वाणी, मन बंसी को खोई॥
ॐ जय सरस्वती माता॥
Chandravadani Padmasani Dhyan Dharat Jan Joi
Shat Darshan Ki Vani Man Bansi Ko Khoi
Om Jai Saraswati Mata
चन्द्रमुखी, कमल पर विराजमान — जो आपका ध्यान धरता है, षट् दर्शनों की वाणी मन को बाँसुरी की धुन भुला देती है। ॐ जय सरस्वती माता!
Verse 3
शुक्ल वसन परिधानी, शोभत कर में वीणा।
शारद पुत्री विद्या दानी, सकल जन हित कीना॥
ॐ जय सरस्वती माता॥
Shukla Vasan Paridhani Shobhat Kar Mein Veena
Sharad Putri Vidya Dani Sakal Jan Hit Keena
Om Jai Saraswati Mata
श्वेत वस्त्र धारण किए, हाथों में वीणा सुशोभित है। शारद की पुत्री, विद्यादायिनी, समस्त जनों का हित करने वाली। ॐ जय सरस्वती माता!
Verse 4
बुद्धि विद्या दायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो।
मोह अज्ञानता हर के, नैन ज्ञान दो भरो॥
ॐ जय सरस्वती माता॥
Buddhi Vidya Dayini Gyan Prakash Bharo
Moh Agyanta Har Ke Nain Gyan Do Bharo
Om Jai Saraswati Mata
हे बुद्धि और विद्या देने वाली, हमें ज्ञान के प्रकाश से भर दीजिए। मोह और अज्ञान को हरकर हमारे नेत्रों को ज्ञान से भर दीजिए। ॐ जय सरस्वती माता!
Verse 5
तुम्हीं हो सब ज्ञान सार, ज्ञान बक्शो माता।
तुम बिन सब सुन जग है, सब ही ज्ञान विहीन॥
ॐ जय सरस्वती माता॥
Tumhi Ho Sab Gyan Saar Gyan Bakasho Mata
Tum Bin Sab Sun Jag Hai Sab Hi Gyan Viheen
Om Jai Saraswati Mata
आप ही समस्त ज्ञान का सार हैं — हे माता, हमें ज्ञान प्रदान कीजिए। आपके बिना सारा संसार सूना है, सभी ज्ञान से रहित हैं। ॐ जय सरस्वती माता!
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