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सरस्वती आरती — ॐ जय सरस्वती माता Meaning — Line by Line

सरस्वती आरती — ॐ जय सरस्वती माता

Every verse and every word explained in English & Hindi

Meaning — Line by Line

Every verse of सरस्वती आरती — ॐ जय सरस्वती माता with its Hindi meaning. Tap any word to hear it, or ▶ to recite the verse.

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  1. Verse 1. Om Jai Saraswati Mata Jai Jai Saraswati Mata
  2. Verse 2. Chandravadani Padmasani Dhyan Dharat Jan Joi
  3. Verse 3. Shukla Vasan Paridhani Shobhat Kar Mein Veena
  4. Verse 4. Buddhi Vidya Dayini Gyan Prakash Bharo
  5. Verse 5. Tumhi Ho Sab Gyan Saar Gyan Bakasho Mata
Verse 1#

Om Jai Saraswati Mata Jai Jai Saraswati Mata

जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता। सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता॥

Om Jai Saraswati Mata Jai Jai Saraswati Mata Sadgun Vaibhav Shalini Tribhuvan Vikhyata Om Jai Saraswati Mata

Meaningॐ जय सरस्वती माता! सद्गुण और वैभव से सम्पन्न, तीनों लोकों में विख्यात। ॐ जय सरस्वती माता!

Verse 2#

Chandravadani Padmasani Dhyan Dharat Jan Joi

चन्द्रवदनी पद्मासनी, ध्यान धरत जन जोई। षट्‌ दर्शन की वाणी, मन बंसी को खोई॥ जय सरस्वती माता॥

Chandravadani Padmasani Dhyan Dharat Jan Joi Shat Darshan Ki Vani Man Bansi Ko Khoi Om Jai Saraswati Mata

Meaningचन्द्रमुखी, कमल पर विराजमान — जो आपका ध्यान धरता है, षट् दर्शनों की वाणी मन को बाँसुरी की धुन भुला देती है। ॐ जय सरस्वती माता!

Verse 3#

Shukla Vasan Paridhani Shobhat Kar Mein Veena

शुक्ल वसन परिधानी, शोभत कर में वीणा। शारद पुत्री विद्या दानी, सकल जन हित कीना॥ जय सरस्वती माता॥

Shukla Vasan Paridhani Shobhat Kar Mein Veena Sharad Putri Vidya Dani Sakal Jan Hit Keena Om Jai Saraswati Mata

Meaningश्वेत वस्त्र धारण किए, हाथों में वीणा सुशोभित है। शारद की पुत्री, विद्यादायिनी, समस्त जनों का हित करने वाली। ॐ जय सरस्वती माता!

Verse 4#

Buddhi Vidya Dayini Gyan Prakash Bharo

बुद्धि विद्या दायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो। मोह अज्ञानता हर के, नैन ज्ञान दो भरो॥ जय सरस्वती माता॥

Buddhi Vidya Dayini Gyan Prakash Bharo Moh Agyanta Har Ke Nain Gyan Do Bharo Om Jai Saraswati Mata

Meaningहे बुद्धि और विद्या देने वाली, हमें ज्ञान के प्रकाश से भर दीजिए। मोह और अज्ञान को हरकर हमारे नेत्रों को ज्ञान से भर दीजिए। ॐ जय सरस्वती माता!

Verse 5#

Tumhi Ho Sab Gyan Saar Gyan Bakasho Mata

तुम्हीं हो सब ज्ञान सार, ज्ञान बक्शो माता। तुम बिन सब सुन जग है, सब ही ज्ञान विहीन॥ जय सरस्वती माता॥

Tumhi Ho Sab Gyan Saar Gyan Bakasho Mata Tum Bin Sab Sun Jag Hai Sab Hi Gyan Viheen Om Jai Saraswati Mata

Meaningआप ही समस्त ज्ञान का सार हैं — हे माता, हमें ज्ञान प्रदान कीजिए। आपके बिना सारा संसार सूना है, सभी ज्ञान से रहित हैं। ॐ जय सरस्वती माता!

Word-by-Word Breakdown

सरस्वती
Saraswati
सरस्वती — ज्ञान, संगीत और कला की देवी
सद्गुण
Sadgun
सद्गुण — उत्तम गुण
वैभव
Vaibhav
वैभव — महिमा, ऐश्वर्य
त्रिभुवन
Tribhuvan
त्रिभुवन — तीनों लोक
चन्द्रवदनी
Chandravadani
चन्द्रवदनी — चन्द्रमुखी
पद्मासनी
Padmasani
पद्मासनी — कमल पर विराजमान
षट् दर्शन
Shat Darshan
षट् दर्शन — दर्शनशास्त्र के छह सम्प्रदाय
वीणा
Veena
वीणा — भारतीय तंतुवाद्य
शारद
Sharad
शारद — देवी शारदा (दूसरा नाम)
विद्या दानी
Vidya Dani
विद्या दानी — विद्या/ज्ञान देने वाली
बुद्धि
Buddhi
बुद्धि — बुद्धि, विवेक
ज्ञान
Gyan
ज्ञान — ज्ञान, विद्या
मोह
Moh
मोह — मोह, आसक्ति
अज्ञानता
Agyanta
अज्ञानता — अज्ञान
प्रकाश
Prakash
प्रकाश — प्रकाश, उजाला

Origin & History

Source: Hindu devotional tradition

Author: Unknown (folk tradition)

Period: Medieval period

सरस्वती आरती देवता-विशिष्ट आरतियों की परंपरा का पालन करती है जो भक्ति आंदोलन के दौरान विकसित हुई। सरस्वती पूजा विशेष रूप से पूर्वी और उत्तरी भारत में प्रबल है, जहाँ बसंत पंचमी प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह आरती सरस्वती के आवश्यक गुणों को प्रकट करती है — उनके श्वेत वस्त्र (पवित्रता के प्रतीक), उनकी वीणा (संगीत और कला), और समस्त ज्ञान के परम स्रोत के रूप में उनकी भूमिका।

Frequently Asked Questions

सरस्वती आरती कब गाई जाती है?
बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) पर, परीक्षा से पूर्व, नए शैक्षणिक प्रयासों के आरंभ पर, विद्यालयों और महाविद्यालयों में, और देवी सरस्वती की किसी भी पूजा के समय।
सरस्वती किसका प्रतिनिधित्व करती हैं?
सरस्वती ज्ञान, संगीत, कला, वाणी, बुद्धि और विद्या की हिंदू देवी हैं। उन्हें श्वेत वस्त्र में, कमल पर विराजमान, वीणा (वाद्य), पुस्तक, माला और कमंडल धारण किए हुए दर्शाया जाता है।
क्या विद्यार्थी अच्छे अंकों के लिए इसका जप कर सकते हैं?
हाँ! सरस्वती विशेष रूप से विद्या की देवी हैं। पूरे भारत में विद्यार्थी परीक्षा के समय उनकी प्रार्थना करते हैं। आरती उनसे 'ज्ञान के प्रकाश से भर दो' और 'अज्ञान दूर करो' की याचना करती है — जो शैक्षणिक सफलता पर सीधे लागू होती है।

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