पंचांग
गुरुवार, 1 जनवरी 2026
इस दिन का हिंदू पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त
गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि है, वार गुरुवार, नक्षत्र रोहिणी। सूर्योदय 7:13 AM, सूर्यास्त 5:35 PM; राहु काल 1:42 PM–3:00 PM (नई दिल्ली, IST)।
नई दिल्ली, India · IST
पंचांग (पाँच अंग)
- वारगुरुवारThursday
- तिथिशुक्ल त्रयोदशीShukla Trayodashi · तक 10:22 PM, Jan 1
- नक्षत्ररोहिणीRohini · तक 10:48 PM, Jan 1
- योगशुभShubha · तक 5:11 PM, Jan 1
- करणकौलवKaulava · तक 12:06 PM, Jan 1
मास, पक्ष व राशि
- पक्षशुक्लShukla
- मासपौषPausha
- ऋतुहेमन्तHemanta
- चंद्र राशिवृषभVrishabha (Taurus)
- अयनदक्षिणायनDakshinayana
दृक् गणित (astronomy-engine) व सत्य लाहिरी/चित्रपक्ष अयनांश पर गणना — तिथि/नक्षत्र संक्रमण ±1 सेकंड परिशुद्धता।
शुभ व अशुभ मुहूर्त →
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चौघड़िया मुहूर्त →
दिन का चौघड़िया
- शुभशुभ7:13 AM – 8:31 AM
- रोगअशुभ8:31 AM – 9:49 AM
- उद्वेगअशुभ9:49 AM – 11:06 AM
- चरसामान्य11:06 AM – 12:24 PM
- लाभशुभ12:24 PM – 1:42 PM
- अमृतशुभ1:42 PM – 3:00 PM
- कालअशुभ3:00 PM – 4:17 PM
- शुभशुभ4:17 PM – 5:35 PM
रात का चौघड़िया
- अमृतशुभ5:35 PM – 7:17 PM
- चरसामान्य7:17 PM – 9:00 PM
- रोगअशुभ9:00 PM – 10:42 PM
- कालअशुभ10:42 PM – 12:24 AM
- लाभशुभ12:24 AM – 2:07 AM
- उद्वेगअशुभ2:07 AM – 3:49 AM
- शुभशुभ3:49 AM – 5:31 AM
- अमृतशुभ5:31 AM – 7:14 AM
पंचांग को समझें
तिथि — चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोण पर आधारित चंद्र दिवस। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं।
वार — सप्ताह का दिन, जो उस दिन के स्वामी ग्रह से जुड़ा होता है।
नक्षत्र — आकाश के 27 भागों में से वह भाग जिसमें चंद्रमा स्थित है।
योग — सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति पर आधारित 27 योगों में से एक।
करण — तिथि का आधा भाग; एक तिथि में दो करण होते हैं।
सामान्य प्रश्न
पंचांग क्या है?
पंचांग हिंदू कालगणना का दैनिक खाता है जिसमें पाँच अंग होते हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन्हीं के आधार पर शुभ मुहूर्त, व्रत और त्योहार निर्धारित होते हैं।
राहु काल क्या है और क्यों टालें?
राहु काल दिन का एक अशुभ माना जाने वाला समय है (सूर्योदय से सूर्यास्त तक के आठ भागों में से एक)। इस अवधि में नया शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
अभिजीत मुहूर्त क्या है?
अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो स्थानीय मध्याह्न (दोपहर) के आसपास होता है। नया कार्य आरंभ करने के लिए यह अत्यंत शुभ माना जाता है।
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया मुहूर्त का एक सरल प्रकार है जिसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ हैं; चर सामान्य (यात्रा हेतु अच्छा); तथा रोग, काल और उद्वेग अशुभ माने जाते हैं।
यह पंचांग किस स्थान का है?
यह पंचांग नई दिल्ली, India के सूर्योदय और स्थानीय समय (IST) पर आधारित है। तिथि व नक्षत्र प्रायः सभी जगह लगभग समान रहते हैं, जबकि सूर्योदय व मुहूर्त समय स्थान अनुसार बदलते हैं।