सोमवती अमावस्या
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अगली सोमवती अमावस्या
सोमवार, 15 जून 2026
सोमवती अमावस्या वह अमावस्या है जो सोमवार को पड़ती है। सोमवार भगवान शिव का दिन है और अमावस्या पितरों की तिथि — दोनों का संयोग वर्ष में केवल कुछ ही बार आता है, इसलिए यह अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस दिन गंगा-स्नान, दान, पितृ तर्पण तथा शिव व पीपल वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है।
विवाहित स्त्रियाँ पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा कर उसमें सूत लपेटती हैं — ठीक वट सावित्री व्रत की भाँति। महाभारत में भीष्म पितामह ने भी इस अमावस्या की महिमा का वर्णन किया है।
पूजा विधि
- प्रातः स्नान करें — संभव हो तो गंगा या पवित्र नदी में, अथवा जल में गंगाजल मिलाकर।
- सूर्य को अर्घ्य दें और भगवान शिव का जल व बेलपत्र से अभिषेक करें।
- पीपल वृक्ष की पूजा करें — जल, दूध, पुष्प अर्पित कर 108 बार परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपेटें और दीप जलाएँ।
- सुहागिन स्त्रियाँ पति की दीर्घायु की कामना करें; पितरों का तर्पण करें।
- अन्न, वस्त्र व तिल का दान करें और सोमवती अमावस्या व्रत कथा सुनें।
आगामी सोमवती अमावस्या तिथियाँ
इस दिन जपें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सोमवती अमावस्या क्या है?▼
सोमवती अमावस्या वह अमावस्या है जो सोमवार (सोमवार) को पड़ती है। सोमवार भगवान शिव को और अमावस्या पितरों को समर्पित है, इसलिए दोनों का योग अत्यंत शुभ व दुर्लभ माना जाता है — यह वर्ष में केवल कुछ ही बार आती है।
सोमवती अमावस्या पर स्त्रियाँ क्या करती हैं?▼
सुहागिन स्त्रियाँ पति की दीर्घायु हेतु व्रत रखती हैं और पीपल (अश्वत्थ) वृक्ष की 108 परिक्रमा करती हैं, उसमें कच्चा सूत लपेटकर जल, दूध व पुष्प अर्पित करती हैं — वट सावित्री व्रत के समान। वे भगवान शिव की पूजा कर सुखी दाम्पत्य की कामना करती हैं।
सोमवती अमावस्या पितरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?▼
प्रत्येक अमावस्या पितृ तर्पण व श्राद्ध का प्रमुख दिन है। सोमवती अमावस्या पर पवित्र स्नान, दान व तर्पण से पितरों को विशेष शांति और परिवार को आशीर्वाद मिलता है, ऐसा माना जाता है।
अगली सोमवती अमावस्या कब है?▼
अगली सोमवती अमावस्या सोमवार, 15 जून 2026 को है। आगे की तिथियाँ ऊपर दी गई हैं; ये नई दिल्ली के सूर्योदय (स्नान-दान) नियम अनुसार गणना की गई हैं।
तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय (स्नान-दान) नियम अनुसार; पितृ-कार्य की दर्श अमावस्या एक दिन पूर्व हो सकती है। क्षेत्रानुसार पुष्टि करें।