ग्रहों की स्थिति
सभी नौ ग्रहों की वर्तमान राशि, नक्षत्र, पद व अंश — निरयन (लाहिरी अयनांश) पद्धति अनुसार, नई दिल्ली।
17 जून 2026 · अयनांश 24°13'
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पद) |
|---|---|---|---|
| सूर्य | मिथुन | 2°08' | मृगशिरा (3) |
| चंद्र | कर्क | 6°16' | पुष्य (1) |
| मंगल | मेष | 27°40' | कृत्तिका (1) |
| बुध | मिथुन | 26°34' | पुनर्वसु (2) |
| गुरु | कर्क | 3°07' | पुनर्वसु (4) |
| शुक्र | कर्क | 10°32' | पुष्य (3) |
| शनि | मीन | 19°15' | रेवती (1) |
| राहु℞ | कुंभ | 9°05' | शतभिषा (1) |
| केतु℞ | सिंह | 9°05' | मघा (3) |
℞ = वक्री
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रहों की यह स्थिति किस पद्धति से है?▼
यह निरयन (सायडरियल) राशि-चक्र पर आधारित है, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश के साथ — जो भारत सरकार व अधिकांश वैदिक ज्योतिष की मानक पद्धति है। राहु-केतु मध्यम (मीन) गणना अनुसार हैं।
वक्री का क्या अर्थ है?▼
वक्री अर्थात ग्रह पृथ्वी से देखने पर पीछे की ओर चलता प्रतीत हो रहा है। राहु व केतु सदैव वक्री माने जाते हैं; सूर्य व चंद्र कभी वक्री नहीं होते।
ये स्थिति किस समय व स्थान की है?▼
यह 17 जून 2026 (भारतीय मानक समय, नई दिल्ली) की गणना है। चंद्रमा तेज़ चलता है, अतः दिन में उसकी स्थिति बदलती रहती है।