ग्रहों की स्थिति
सभी नौ ग्रहों की वर्तमान राशि, नक्षत्र, पद व अंश — निरयन (लाहिरी अयनांश) पद्धति अनुसार, नई दिल्ली।
1 अगस्त 2026 · अयनांश 24°13'
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पद) |
|---|---|---|---|
| सूर्य | कर्क | 15°12' | पुष्य (4) |
| चंद्र | कुंभ | 20°21' | पूर्वा भाद्रपदा (1) |
| मंगल | वृषभ | 29°18' | मृगशिरा (2) |
| बुध | मिथुन | 25°51' | पुनर्वसु (2) |
| गुरु | कर्क | 12°53' | पुष्य (3) |
| शुक्र | कन्या | 0°31' | उत्तरा फाल्गुनी (2) |
| शनि℞ | मीन | 20°30' | रेवती (2) |
| राहु℞ | कुंभ | 6°41' | शतभिषा (1) |
| केतु℞ | सिंह | 6°41' | मघा (3) |
℞ = वक्री
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रहों की यह स्थिति किस पद्धति से है?▼
यह निरयन (सायडरियल) राशि-चक्र पर आधारित है, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश के साथ — जो भारत सरकार व अधिकांश वैदिक ज्योतिष की मानक पद्धति है। राहु-केतु मध्यम (मीन) गणना अनुसार हैं।
वक्री का क्या अर्थ है?▼
वक्री अर्थात ग्रह पृथ्वी से देखने पर पीछे की ओर चलता प्रतीत हो रहा है। राहु व केतु सदैव वक्री माने जाते हैं; सूर्य व चंद्र कभी वक्री नहीं होते।
ये स्थिति किस समय व स्थान की है?▼
यह 1 अगस्त 2026 (भारतीय मानक समय, नई दिल्ली) की गणना है। चंद्रमा तेज़ चलता है, अतः दिन में उसकी स्थिति बदलती रहती है।